जम्मू। शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले ऑटो चालक चार दिन बाद काम पर लौटे हैं। पांच माह से ठेकेदार से भाड़ा न मिलने के विरोध में ये लोग हड़ताल पर थे। सोमवार को ऑटो गलियों में पहुंचे और घर-घर कचरा उठाया गया। पहले सफाई कर्मचारी ही रेहड़ियों में कचरा डालकर डंपिंग साइट तक पहुंचा रहे थे।
जानकारी के अनुसार ऑटो चालकों को पांच माह से भाड़ा नहीं दिया गया है। चालक अपनी जेब से तेल भरवाकर कचरा एकत्रित कर रहे थे। ठेकेदार आजकल पैसा देने की बात कर टाल दे रहा था। हालांकि नगर निगम की ओर से हर माह ठेकेदार के खाते में पैसा जा रहा था। मसले को जनरल हाउस की बैठक में भी खूब उठाया गया। अब समस्या का निदान हुआ है। चालक 40 हजार के बजाय 28 हजार रुपये मासिक किराया मिलने पर भी नाराज हैं। जीएसटी और अन्य टैक्स कटने पर भी 35 हजार के आसपास राशि मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अब हाउस में मसला आने के बाद समस्या का निदान किया गया है।
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शहर भर से उठाया गया कचरा
ऑटो के माध्यम से पूरे शहर से कचरा एकत्रित कर डंपिंग साइट तक छोड़ा गया। पहले सुबह के वक्त शहर की गलियां साफ होती थीं, लेकिन शाम को फिर से हाल खराब हो जाता था। इस कारण सफाई कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी।
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नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले हो रहे हैं। ऑटो चालकों को 40 के बजाय 28 हजार रुपये क्यों दिया जा रहा है। यह अपने आप में ही घोटाला है। इसकी जांच होनी चाहिए। बाकी राशि कहां जा रही है। ऑटो चालकों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
राजेंद्र शर्मा, चेयरमैन, हाउसिंग कमेटी
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ऑटो चालकों के हड़ताल पर रहने के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी। सोमवार से काम पर लौटे हैं। इनकी समस्या का हल कर दिया गया है। किराया क्यों नहीं दे रहे थे, ठेकेदारों से पूछा जाएगा।
- बलदेव सिंह बलोरिया, अध्यक्ष, हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी
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ऑटो चालकों की समस्या का समाधान कर दिया गया है। किराया न अदा होने के कारण ये लोग काम पर नहीं आ रहे थे। अब उन्हें हर माह निर्धारित तिथि में ही किराया मिलेगा। नगर निगम की ओर से हर माह ठेकेदार के खाते में राशि डाली जाती है।
- अवनी लवासा, आयुक्त नगर निगम