जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रविवार की सुबह सुरक्षा बलों के काफिले पर मोटरसाइकिल से हमले के खुफिया इनपुट के बाद पूरे हाईवे पर रेड अलर्ट रहा। सतर्कता के चलते सुबह नौ बजे तक कॉनवॉय की मूवमेंट रुकी रही। श्रीनगर व आस-पास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवा भी ठप कर दी गई थी जो सुबह साढ़े नौ बजे के बाद बहाल की गई।
खुफिया एजेंसियों के पास इनपुट था कि रविवार की सुबह आतंकी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह सात से आठ बजे के बीच धमाका कर सकते हैं। इसमें मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया जा सकता है। श्रीनगर के बटवारा और टट्टू ग्राउंड को सबसे संवेदनशील इलाका बताया गया था, जहां घटना को अंजाम देने की ज्यादा आशंका थी।
इनपुट के आधार पर श्रीनगर व आस-पास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने जगह-जगह नाके लगा रखे थे। मोटरसाइकिल सवारों पर विशेष नजर थी। उन्हें तलाशी के बाद ही आगे बढ़ने दिया जा रहा था। इस दौरान बिना कागज के कई मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया गया। सख्ती इतनी थी कि हाईवे से जुड़ने वाले लगभग सभी रास्तों पर सुरक्षा बलों की नजर थी। सुबह नौ बजे के बाद सुरक्षा बलों की रोड ओपनिंग पार्टी तथा संबंधित थानों की क्लियरेंस के बाद ही कॉनवॉय की मूवमेंट हुई।
आम वाहनों पर प्रतिबंध
सुरक्षा बलों की कॉनवॉय के लिए रविवार तथा बुधवार का दिन निर्धारित होने की वजह से पूरे दिन हाईवे पर बारामुला से लेकर उधमपुर तक आम वाहनों को प्रतिबंधित कर रखा गया था।
दो महीने में दो बार कॉनवॉय को बनाया निशाना
बीते दो महीने में हाईवे पर दो बार सुरक्षा बलों की कॉनवॉय को आतंकियों ने निशाना बनाया है। पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ की कॉनवॉय को कार से निशाना बनाया गया था जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद बनिहाल के पास 30 मार्च को सीआरपीएफ की कॉनवॉय को भी कार से निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, इसमें किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। कार में धमाके से उसके परखच्चे उड़ गए। कॉनवॉय की एक बस को मामूली नुकसान पहुंचा था।