आरबीआई की राज्य सरकारों के लिए डब्ल्यूएमए पर गठित सलाहकार समिति ने यह सुझाव दिया है। हालांकि नई सीमा लागू करने के लिए आरबीआई की अंतिम मंजूरी बाकी है। समिति ने राज्यों की वित्तीय जरूरतों व आमदनी -खर्च की स्थिति की समीक्षा के बाद मदद की सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया है। समिति की अध्यक्षता कर्नाटक सरकार के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव आईएसएन प्रसाद ने की।
समिति ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए डब्ल्यूएमए की कुल सीमा 61,008 करोड़ से 67,839 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की है। यह करीब 11.2 फीसदी की बढ़ोतरी है। जम्मू-कश्मीर के लिए प्रस्तावित बढ़ोतरी करीब नौ फीसदी है। समिति की सिफारिशों पर आरबीआई की अंतिम मंजूरी के बाद ही जम्मू-कश्मीर के लिए नई सीमा लागू हो सकेगी। सीमा बढ़ने से सरकार जरूरत पड़ने पर पहले के मुकाबले 117 करोड़ रुपये अधिक की अस्थायी मदद ले सकेगी। इससे सरकारी खजाने में अस्थायी कमी होने पर जरूरी भुगतान जारी रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, यह रकम अनुदान नहीं है। सरकार को इसे तय समय के भीतर लौटाना होता है।
आमदनी-खर्च के बीच अंतर पूरा करने में मिलेगी मदद
सरकार के पास पैसा आने और खर्च होने का समय हमेशा एक जैसा नहीं होता। कई बार राजस्व मिलने में देरी होती है, जबकि कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और दूसरे जरूरी खर्चों का भुगतान समय पर करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में सरकार आरबीआई से कुछ समय के लिए रकम ले सकती है। इस व्यवस्था को वेज एंड मीन्स एडवांस कहा जाता है। डब्ल्यूएमए के तहत ली गई रकम को तीन महीने के भीतर लौटाना होता है। जरूरत के समय इस सुविधा का इस्तेमाल करने से सरकार को भुगतान के लिए दूसरे इंतजाम करने का दबाव कम करने में मदद मिलती है।
जून में लिया औसतन 94.03 करोड़ एसडीएफ, 197.61 करोड़ ओवरड्राफ्ट
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, जून में जम्मू-कश्मीर ने 21 दिन तक डब्ल्यूएमए सुविधा का इस्तेमाल किया। इस दौरान इस्तेमाल की गई रकम का औसत 778.47 करोड़ रहा। यह पूरे महीने में ली गई कुल रकम नहीं, बल्कि सुविधा के इस्तेमाल के दौरान औसत राशि है। इसी महीने सरकार ने विशेष आहरण सुविधा (एसडीएफ) का भी 21 दिन तक इस्तेमाल किया। इसके तहत औसत रकम 94.03 करोड़ रुपये रही। वहीं ओवरड्राफ्ट सुविधा के तहत औसतन 197.61 करोड़ की रकम का इस्तेमाल दो दिन तक किया गया। ओवरड्राफ्ट की सुविधा निर्धारित डब्ल्यूएमए सीमा से आगे रकम की जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल की जाती है।