जम्मू-कश्मीर पुलिस के उप निरीक्षकों की तरह ही वित्तीय लेखा सहायक (एफएए) और जलशक्ति विभाग की जेई सिविल भर्ती रद्द हो सकती है। दोनों भर्तियों की जांच करने वाली समिति ने सरकार से भर्ती रद्द करने की सिफारिश की है। इससे संबंधित रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी गई है। संभव है कि अगले कुछ दिनों में सरकार एफएए और जेई सिविल की चयनित सूची को रद्द करने का आदेश जारी कर दे। मामले की जांच भी सीबीआई को सौंपी जा सकती है।
सरकार ने गृह सचिव आर के गोयल, कानून विभाग के सचिव अचल सेठी और जीएडी के सचिव मनोज द्विवेदी की तीन सदस्यीय समिति को जांच सौंपी थी। सूत्रों के अनुसार समिति ने एफएए के लिए चुने गए 972 उम्मीदवारों और जेई सिविल के लिए चुने गए 209 उम्मीदवारों की चयन सूची को रद्द करने की अनुशंसा की है।
समिति ने अपनी जांच में पाया कि एफएए की सूची में जो उम्मीदवार टॉपर हैं, वो सब इंस्पेक्टर भर्ती में फेल हैं। कई ऐसे उम्मीदवार हैं जो सब इंस्पेक्टर भर्ती सूची में चयनित हैं और एफएए में भी चयनित हैं। समिति ने अपनी जांच में यह भी बताया है कि सब इंस्पेक्टर की भर्ती करने वाली निजी कंपनी ने ही एफएए और जेई सिविल की परीक्षा कराई है। ऐसे में सब इंस्पेक्टर पदों की भर्ती की तरह ही इन भर्तियों को भी रद्द किया जाना चाहिए।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एफएए और जेई सिविल में चयनित उम्मीदारों का अकादमिक रिकॉर्ड लगभग सब इंस्पेक्टरों की भर्ती जैसा ही है। यह भी तर्क दिया गया है कि एफएए में जो टॉपर हैं, उनका अकादमिक रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट ने बताया कि सब इंस्पेक्टर पदों की भर्ती की लिखित परीक्षा 27 मार्च 2022 को हुई और एफएए की 6 मार्च को हुई। ऐसे में यदि एक सूची को रद्द किया गया है, तो दूसरी को न करना न्यायसंगत नहीं होगा।