पुलिस ने एक हाइब्रिड आतंकी जफर इकबाल को वीरवार को गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। उसकी निशानदेही पर दो पिस्टल, ग्रेनेड व 1.81 लाख रुपये नगद बरामद किए गए हैं। इस पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जाना था।
पुलिस ने बताया है कि आतंकी का एक भाई राजोरी में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया था, और एक अन्य रिश्तेदार भी पाकिस्तान में है जो आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहा है। पुलिस के अनुसार, सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि माहौर तहसील के बल गांव में रहने वाला जफर इकबाल पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के संपर्क में है।
वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा है। पुलिस ने 58आरआर और सीआरपीएफ की 126वीं बटालियन के जवानों के साथ मिल कर अंगराला के जंगलों में उसकी तलाश शुरू कर दी। इस दौरान जफर को पलसू नाला से पकड़ लिया। पुलिस स्टेशन में उससे पूछताछ की गई, तो उस ने कई राज उगले।
जफर की निशानदेही पर सुरक्षाबलों ने दो पिस्टल ग्लॉक, चार मैगजीन पिस्टल ग्लॉक, 22 कारतूस और एक ग्रेनेड बरामद किया। साथ ही एक लाख 81 हजार रुपये नकद भी बरामद किए। आतंकी जफर का एक भाई मोहम्मद इशाक आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-ताइबा में शामिल था, जो राजोरी में हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया था। उसका एक रिश्तेदार अब्दुल रशीद भी पाकिस्तान में है, और आतंकी समूहों के साथ काम कर रहा है।
ये होते हैं हाइब्रिड आतंकी
ये आतंकी गैर सूचीबद्ध कट्टरपंथी लोग होते हैं जो अपने आकाओं के इशारे पर आतंकी हमले करते हैं और बिना कोई निशान छोड़े सामान्य जीवन में लौट जाते हैं।
जफर आतंकी संगठनों के साथ संपर्क में था। उसके पकड़े जाने से क्षेत्र में दोबारा आतंकवाद पनपने व किसी हमले का खतरा टल गया है। -अमित गुप्ता, एसएसपी रियासी।