ट्रेन से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने इलाकों में पहुंचा रहे जरूरी सामान
रियासी। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना मौजूदा समय में लोगों के लिए लाइफ लाइन बन गई है। नेशनल हाईवे कई दिनों तक बंद रहने के बाद कश्मीर जाने वाले लोग कटड़ा से वंदे भारत के जरिए सफर तय कर घर पहुंचे।
जम्मू के युवक ने वंदे भारत में कटड़ा से बनिहाल तक बरात लाकर शादी कर लौटा। मौजूदा समय में कटड़ा से संगलदान तक पांच दिनों के लिए चलाई जा रही स्पेशल पैसेंजर ट्रेन जिले के पहाड़ी इलाकों के लोगों के लिए जीवनदायिनी बनी हुई है। कटड़ा से चलने वाली यह ट्रेन रियासी के अलावा बक्कल व उस में विश्व के सबसे ऊंचे आर्क रेलवे ब्रिज को पार कर दो स्टेशन पर रुक रही है। ट्रेन से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने इलाकों में जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने बीते मंगलवार को 80 क्विंटल राशन पहाड़ी इलाकों को भेजा। धनोड़ निवासी तरुण ने बताया कि बारिश होने के बाद बंद हुए रास्तों के कारण वह रियासी में थे। गांव में रहने वाले परिजनों के लिए कुछ जरूरी सामान उन्होंने सोमवार को ट्रेन से पहुंचाया जिससे परिजनों को राहत मिली।
बिशन मगोत्रा ने कहा कि वंदे भारत का स्टॉप कटड़ा जिला के किसी भी इलाके में नहीं है। स्पेशल पैसेंजर ट्रेन का लाभ ग्रामीण इलाकों को हो रहा है। मात्र 20 रुपए से जिले में बने हुए स्टेशन व तीस रुपए से संगलदान तक पहुंचा जा सकता है। उत्तर रेलवे व प्रशासन को चाहिए कि इस ट्रेन को नियमित रूप से चलाया जाना चाहिए।
अशोक सिंह के अनुसार खराब मौसम में उक्त रेल लिंक परियोजना पहाड़ी इलाकों किए वरदान साबित हुई है जिसे आने वाले दिनों में नियमित किया जाना चाहिए। अरनास निवासी रमन शर्मा ने ऊंचे पुल को पार कर बनाए गए कौड़ी रेलवे स्टेशन पर भी स्पेशल ट्रेन का स्टॉप दिए जाने की मांग की।