वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.राजीव गुप्ता। श्रोत स्वयं
- फोटो : samvad
जम्मू। उधमपुर के गादी गांव की आशा शर्मा ने दृढ़ इच्छाशक्ति और डॉक्टरों की लगन से कोरियोकार्सिनोमा जैसे दुर्लभ कैंसर को मात दी है। गर्भाशय से शुरू होकर उनके पूरे शरीर में फैल चुके गंभीर कैंसर का राज्य कैंसर संस्थान में करीब एक वर्ष तक इलाज चला जिसके बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी हैं।
एक वर्ष पहले आशा को माहवारी में अनियमितता की शिकायत हुई थी। स्थानीय स्तर पर स्पष्ट रिपोर्ट न मिलने के बाद जब उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू में जांच कराई तो गर्भाशय में कोरियोकार्सिनोमा कैंसर की पुष्टि हुई। इससे परिवार में हड़कंप मच गया। आशा दो छोटी बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित हो गईं लेकिन हिम्मत नहीं हारी।
बेहतर इलाज के लिए उन्हें राज्य कैंसर संस्थान रेफर किया गया जहां वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. राजीव गुप्ता की देखरेख में उपचार शुरू हुआ। डॉ. गुप्ता ने उन्हें हौसला दिया। अब दोबारा की गई सभी जांच के बाद डॉक्टरों ने पुष्टि की कि आशा के शरीर से कैंस पूरी तरह खत्म हो चुका है। आशा ने डॉक्टरों का आभार जताया। डॉक्टरों के अनुसार यह अत्यंत दुर्लभ कैंसर है जो प्रति एक लाख महिलाओं में से केवल 0.3 प्रतिशत में पाया जाता है। प्रदेश में अब तक 20 कैंसर पीड़ित स्वस्थ हो चुके हैं।
लक्षण न करें नजरअंदाज
डॉ. राजीव गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अक्सर अनियमित माहवारी को गंभीरता से नहीं लेतीं जिससे कैंसर पूरे शरीर में फैल जाता है। अनियमित माहवारी होने या एमटीपी के बाद प्रेगनेंसी मिस होने पर सीरम बीटा एचसीजी जांच तुरंत करानी चाहिए। समय पर पहचान होने से इलाज संभव है।
वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.राजीव गुप्ता। श्रोत स्वयं - फोटो : samvad