जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे की नौकरियों और खेल से संबंधित भ्रष्टाचार को लेकर रणजोद सिंह भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने एसओ-12 सूची में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच न होने तक अपनी हड़ताल जारी रखने की बात कही है। रविवार को उनकी भूख हड़ताल का दसवां दिन था।
रणजोद सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल के स्थानांतरण की भी मांग कर रहे हैं। नुजहत गुल पिछले छह साल से इस पद पर बनी हुई हैं। रणजोद ने आरोप लगाया कि नुजहत गुल की देखरेख में कई आईएएस अधिकारी का कई बार स्थानांतरण हो चुका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खेल मंत्रालय में भर्ती प्रक्रिया में धांधली हुई है। ओलंपिक खेलों की बजाय पैंसिसलाड जैसे खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका समर्थन भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) तक नहीं करता है। रणजोद ने आईएएनएस से कहा कि उनकी भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक खिलाड़ियों को अंधकार में डालने वाली नीति का खात्मा नहीं होता और एसओ-12 में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच नहीं होती। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई करेगी।
प्रदर्शन को मिला समर्थन
भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब भी युवाओं द्वारा किए जा रहे इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा से रणजोद द्वारा की जा रही निष्पक्ष जांच का समर्थन करने की अपील की। उदय भानु ने कहा कि इस मामले में विभागीय जांच से कोई निष्कर्ष नहीं निकलेगा। उन्होंने नुजहत गुल के स्थानांतरण की मांग का भी समर्थन किया।
दबाव और आरोप
उदय भानु ने कहा कि नुजहत छह साल से उसी पद पर बनी हुई हैं। जबकि कई अधिकारियों के इस दौरान तीन से चार बार तक स्थानांतरण हो गए। उदय भानु ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। भूख हड़ताल खत्म करने के लिए रणजोद और इन युवाओं पर लगातार दबाव डाला जा रहा है। इसमें प्राथमिकी दर्ज करना और सामाजिक माध्यम से सामग्री हटाना भी शामिल है।