नहीं खिलाया फालोऑन
पहली पारी में 291 रन की बढ़त लेने के बावजूद जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक को फालोऑन न खिलाते हुए दूसरी पारी में खुद बल्लेबाजी शुरू की। जम्मू-कश्मीर ने दिन का खेल खत्म होने तक चार विकेट के नुकसान पर 186 रन बनाकर 477 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली है। स्टंप के समय कामरान 94 और साहिल लोटरा 16 रन बनाकर खेल रहे थे।
आकिब ने सातवीं बार लिए सत्र में 5 विकेट भारतीय टीम में आने के लिए ठोकी दावेदारी
कर्नाटक की ओर से अनुभवी ओपनर मयंक अग्रवाल ने सर्वाधिक 160 रन बनाए। क्रतिक कृष्णा 36 रन बनाकर दूसरे शीर्ष स्कोरर रहे। आकिब ने शिखर शेट्टी को पगबाधा आउट कर अपना पांचवां शिकार बनाया। आकिब ने इस सत्र में सातवीं बार एक पारी में पांच या अधिक विकेट लिए हैं। आकिब उत्तराखंड के मयंक मिश्रा (59 विकेट) को पीछे छोड़कर 60 विकेट के साथ सबसे ज्यादा विकेट लेने की तालिका में शीर्ष पर पहुंच गए हैं।
गांगुली ने की नबी की वकालत
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने आकिब की सराहना करते हुए कहा, मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया का इस ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने कहा, इस गर्मी में इग्लैंड दौरे पर नबी को भारतीय टीम की जर्सी पहनाने का अच्छा अवसर होगा। जम्मू-कश्मीर को खिताब जीतते हुए देखने के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को हुबली पहुंच गए।
जीत करीब, हौंसले बुलंद, फाइनल जीतकर रचा जाएगा नया इतिहास : परवेज
जेएंडके के पूर्व कप्तान एवं पहले खिलाड़ी परवेज रसूल ने कहा कि रणजी ट्रॉफी में जम्मू और कश्मीर की टीम ऐतिहासिक पहला खिताब जीतने के लिए तैयार है। यह अब कोई सपना नहीं बल्कि एक हकीकत बन गया है। हमें नेशनल चैंपियंस कहलाने में लगभग सात दशक लग गए और आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। हम सब पिछले डेढ़ दशक से इस दिन का इंतज़ार कर रहे हैं। मेरी कप्तानी में भी क्वार्टर-फ़ाइनल में जगह बनाई। हमने मुंबई की एक बहुत मज़बूत टीम को हराया है, लेकिन आकिब नबी ने हमारे लिए जो किया है, वह सोच से भी परे है।
यह एक ऐसा प्रदर्शन है जिसे कोई नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। लेकिन सिर्फ़ आकिब ही नहीं, इसका क्रेडिट सभी को जाता है। कप्तान पारस डोगरा, हेड कोच अजय शर्मा, कामरान इक़बाल, शुभम पुंडीर, सुनील कुमार, अब्दुल समद शामिल है।