रियासी में होने वाली रामलीला को ले कर पत्रकारवार्ता करते हुए क्ष्री दुर्गा नाटक मंडली के सदस्य।
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रियासी। ओपन एयर थियेटर में सोमवार शाम से भगवान श्री गणेश वंदना के साथ रियासी की रामलीला अपने 133वें वर्ष में प्रवेश करेगी। बीते दो वर्ष कोरोना काल में रामलीला का मंचन कम कलाकारों और मुख्य दृश्यों के साथ हुआ। लेकिन, इस वर्ष दुर्गा नाटक मंडली रामलीला का मंचन भव्य से करेगी। कुछ नए दृश्य इस बार रामलीला में जोड़े गए हैं। इसकी शुरूआत कैलाश तलहटी के दृश्य से होगी।
रविवार को रामलीला के मंचन के लिए सभी प्रकार की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। मंडली के अध्यक्ष सुुदेेश कुमार पंडोत्रा, प्रधान संजीव खजूरिया ने बताया कि इस वर्ष रामलीला के मंचन को लेकर कलाकारों में काफी उत्साह है। सभी अपनी अपनी तैयारियों में जुटे हैं। मंच को भी तैयार कर दिया गया है। रामलीला में इस वर्ष राम लक्ष्मण के साथ भरत शत्रुघ्न मिलाप का दृश्य भी मंचित किया जाएगा।
वहीं, शबरी-राम मिलाप को भी दिखाया जाएगा। इसके अलावा कुछ और भी नए दृश्य दिखाए जाने की योजना है, जिसके लिए तैयारियां जारी हैं। नवरात्र के दौरान रोजाना रात को रामलीला का मंचन होगा। उसके बाद दशहरा पर रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले फूंके जाएंगे। रामलीला की शुरूआत सोमवार को गणेश वंदना से होगी, और कैलाश तलहटी का दृश्य दिखाया जाएगा। मौके पर दशहरा कमेटी के प्रधान शंभु नाथ त्रिपाठिया, बिशन मगोत्रा, विकास शर्मा, आदि मौजूद रहे।
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बच्चे भी करेंगे नाटक का मंचन
श्री दुर्गा नाटक मंडली इस वर्ष स्कूल स्तर पर एक धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन भी करवायेगी। प्रधान संजीव खजूरिया ने बताया कि इस वर्ष रामलीला में कुछ नया करने का प्रयास है। नगर तथा आसपास के सभी स्कूलों को रामलीला में एक दृश्य का मंचन करने को कहा जाएगा। स्कूल के विद्यार्थी इसमें रामचरितमानस या महाभारत के किसी दृश्य को मंचित कर सकते हैं। इसके अलावा किसी अन्य धार्मिक विषय पर भी दृश्य दिखाया जा सकता है। समाज के प्रति जागरूक करने वाले किसी नाटक को भी दिखाया जा सकता है।