जम्मू। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने छह साल के कार्यकाल में चुटकी में कई फैसले लिए। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति तीनों सेनाओं में समन्वय बनाए रखने के लिए की गई। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर से आतंकियों का सफाया तेजी से हो रहा है। नागरिकता संशोधन अधिनियम और तीन तलाक पर कानून बना दिया गया। श्री राम जन्मभूमि विवाद का भी हल निकल चुका है।
जम्मू जन संवाद वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की बात करें तो भाजपा ने हमेशा अनुच्छेद 370 हटाने की बात की। संसद में बहुमत होते ही पांच अगस्त को चुटकी में इसे हटा दिया। कांग्रेस को अगर यह अनुच्छेद इतना ही जरूरी लगता था तो इसे अस्थायी क्यों बनाकर अपने दामन से लगाए रखा। स्थायी अनुच्छेद क्यों नहीं बनाया, इसका जवाब कांग्रेस को देना चाहिए। मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी समर्थन हासिल किया। पाकिस्तान को कुछ एक देशों के अलावा किसी का समर्थन नहीं मिला। भारत को टर्की और मलयेशिया को छोड़कर सभी मुस्लिम देशों का समर्थन मिला।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहती है कि अनुच्छेद 370 को तोड़कर धर्मनिरपेक्षता को आघात पहुंचाया गया है। 1976 में 42वें संविधान संशोधन में धर्मनिरपेक्षता शब्द जोड़ा गया। कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि उसकी सरकार रहते जम्मू-कश्मीर के संविधान में धर्मनिरपेक्षता शब्द को क्यों नहीं शामिल किया गया। इसकी जिम्मेदार कांग्रेस नहीं तो और कौन था। कांग्रेस चाहती तो उस समय यहां के संविधान में भी धर्मनिरपेक्षता शब्द जुड़ जाता।
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भ्रष्टाचार चरम पर, अलगाववादियों की टूटी कमर
जम्मू-कश्मीर में 2014 से 2019 तक मोदी सरकार ने दो लाख करोड़ की राशि विकास के लिए आवंटित की, लेकिन यहां भ्रष्टाचार चरम पर रहा। अलगाववादियों, देश विरोधी ताकतों व ऐसे नेताओं के मजे रहे, जो अनुच्छेद 370 के पक्ष में बातें करते थे। पाकिस्तान का गुणगान किया करते थे। अब ऐसे नेताओं व अलगाववादियों की कमर तोड़कर रख दी गई है। बड़ी संख्या में आतंकी मारे जा रहे हैं।
कोरोना टेस्टिंग में केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर सबसे आगे
सिंह ने कहा कि कोरोना काल में दुनिया के विकसित देश जहां धराशायी हो गए, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने सही समय पर लॉकडाउन का फैसला लिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी भारत सरकार के फैसलों की सराहना की है। पीपीई किट्स तक अब भारत में बन रही हैं। कोरोना टेस्टिंग के मामले में केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर सबसे आगे है। देश आर्थिक तौर पर विश्व में पांचवें नंबर पर आ चुका है। पहले तीन स्थानों पर देश को लाने का संकल्प लेकर मोदी सरकार काम कर रही है। कोरोना काल में ही आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेकर मोदी सरकार आगे बढ़ चुकी है।
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मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पंचायतों को किया सशक्त
मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर मे पंचायती राज प्रणाली को सशक्त बनाने का काम किया और पूरे अधिकार दिए। पूर्ववर्ती सरकारों के समय पंचायतों को केवल नाममात्र अधिकार ही प्राप्त थे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पीओजेके और पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों को जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिली है। मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रह रहे लोगों को एलओसी की तर्ज पर आरक्षण का लाभ भी देने का काम किया है। पांच नेशनल हाईवे का काम जम्मू-कश्मीर में जारी है। एक्सप्रेस-वे का काम शुरू हो चुका है।