श्रीनगर। रक्षाबंधन का त्यौहार बुधवार को कश्मीर घाटी में भी मनाया गया। स्थानीय अवाम ने सेना के जवानों के साथ इस त्यौहार को मनाया और उन्हें परिवार से दूर होने की कमी महसूस होने नहीं दी। बम्हामा और कुपवाड़ा में अनाथालयों की 75 लड़कियां सारण व्यू पॉइंट पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं और सैनिकों के हाथों पर राखी बांधी। सैनिकों ने बदले में उनकी रक्षा करने का वचन दिया।
''आम्ही पुणेकर'' की छह सदस्यीय टीम, ''आहवन पलक'' फाउंडेशन के साथ काम करने वाली पांच महिलाओं की टीम 150 किलो मिठाइयों और उपहारों के साथ पहुंची थीं। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि मेहमानों ने नौकायन, मिठाइयों का आदान-प्रदान और कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेलों का आनंद लिया।
उड़ी सेक्टर में भी मनाया रक्षाबंधन पर्व
वहीं, नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर उड़ी सेक्टर के चुरंडा गांव में स्थानीय महिलाओं ने सेना के जवानों को राखियां बांधी और रक्षाबंधन पर्व का जश्न मनाया। कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं में से एक ने कहा यह सैनिकों के प्रति भाईचारे के प्यार की हमारी अभिव्यक्ति है, जो हमेशा हमारी मदद, समर्थन और सुरक्षा के लिए तैयार रहते हैं।