राजोरी के ढांगरी में एक जनवरी को हुए सामूहिक हत्याकांड की जांच करने एडीजीपी कार्यालय जम्मू से एक विशेष टीम बुधवार को राजोरी पहुंची है। टीम ने हत्याकांड के चश्मदीदों और अन्य लोगों से पूछताछ कर सच का पता लगाना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार एडीजीपी कार्यालय से इंस्पेक्टर रैंक से ऊपर के अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम राजोरी पहुंची। पहले दिन उन लोगों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए जो सबसे पहले गोली कांड के समय घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों व मृतकों को अस्पताल पहुंचाया। बुधवार को उच्च स्तरीय टीम ढांगरी में मारे गए लोगों के घरों में पहुंची और उनके उन परिजनों से पूछताछ की जो मौके पर चश्मदीद थे, जिनके सामने गोलीकांड हुआ था। उनके बयान दर्ज किए गए।
सूत्रों के अनुसार चार सदस्यीय विशेष टीम चश्मदीदों से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि जो बातें लोगों के मुंह से सुनी जा रही हैं, उनमें कितनी सच्चाई है। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में विशेष टीम उन संदिग्धों से भी पूछताछ करेगी, जिनको पुलिस ने इस पूरे मामले में हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि उक्त विशेष टीम की निगरानी एडीजीपी मुकेश सिंह स्वयं कर रहे हैं। मंगलवार को एडीजीपी राजोरी के दौरे पर थे, जोकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी बैठक कर और ढांगरी मामले को लेकर जरूरी निर्देश देकर बुधवार को जम्मू चले गए।
उधर, ढांगरी हत्याकांड में शामिल आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए सेना पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त तलाशी अभियान बुधवार को 17वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान राजोरी और रियासी के बॉर्डर पर स्थित नारला गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बता दें कि नारला में शनिवार और रविवार को बंदूकधारी संदिग्ध लोगों को देखा गया। उसके बाद सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया था, जिसकी निगरानी डीआईजी पुलिस डॉ. हसीब मुग़ल और एसएसपी मोहम्मद असलम स्वयं कर रहे थे, लेकिन अभी तक सुरक्षाबलों के हाथ कुछ नहीं लगा है।