जम्मू में राजोरी के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
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राजोरी में पांच सैन्य जवानों की शहादत पर राजनीतिक नेताओं ने गहरा दुख जताया है। नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि आतंकवाद की जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना भी प्रकट की है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले कई दशकों से आतंकवाद के कारण कीमती जिंदगियां बर्बाद हुई हैं। ऐसे में आतंकवाद की समस्या का सरकार को हल ढूंढना चाहिए। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने राजोरी आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारवालों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
देशभर के लोग इन शूरवीरों के बलिदान के अभारी हैं। पिछले कुछ दशक में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद ने कई कीमती जाने ली हैं। आतंकवाद के खिलाफ सभी को एक साथ खड़े होने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि आतंकवाद को हमेशा के लिए जड़ से खत्म किया जाए।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने राजोरी जिले में पांच सैन्य जवानों की शहादत पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा है कि आतंकवादियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। रैना का कहना है कि आतंकवादियों व उनके मददगारों को सेना जल्द ही चुन चुनकर ढेर करेगी।
पीडीपी की अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि राजोरी जिले में आईईडी विस्फोट में पांच जवानों की शहादत पर दुख है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। कहा कि आतंकवाद की वजह से जम्मू-कश्मीर में अशांति का माहौल बना है।
केंद्र सरकार को हालात सामान्य बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे। अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने भी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले सैन्य जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र उन्हें हमेशा याद रखेगा।
बुखारी ने कहा कि हम शोक संतप्त परिवारों के दुख में साथ खड़े हैं। सरकार को मामले का संज्ञान लेते हुए हालात को सामान्य बनाने की तरफ कदम उठाने चाहिए।