राजोरी-जम्मू हाईवे पर स्थित मुरादपुर और बथूनी में शनिवार देर रात संदिग्ध धमाकों के बाद रविवार को भी सुरक्षाबल छानबीन में जुटे रहे। इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और लोहे के कुछ पार्ट्स बरामद किए।
सूत्रों के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है कि बरामद पार्ट्स स्टन ग्रेनेड हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंधी पुलिस अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। आशंका है कि किसी ने दहशत फैलाने के लिए स्टन ग्रेनेड का प्रयोग किया है। ऐसा किसने किया और स्टन ग्रेनेड कहां से लिया, इसकी जांच की जांच की जा रही है।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि स्टन ग्रेनेड को फ्लैश ग्रेनेड, फ्लैशबैंग, थंडरफ्लैश या ध्वनि बम के रूप में भी जाना जाता है। यह कम घातक विस्फोटक उपकरण है, जिसका उपयोग दुश्मन की इंद्रियों को अस्थायी रूप से विचलित करने के लिए किया जाता है। स्टन ग्रेनेड तेज प्रकाश और धमाका करता है। इनका उपयोग नजदीकी लड़ाई, दरवाजा तोड़ने, दंगा नियंत्रण और दुश्मन का ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है।
वहीं, सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान देर शाम तक जारी था। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी इलाकों का दौरा कर जांच कर रहे हैं। मुरादपुर के पूर्व सरपंच रंजीत तारा ने बताया कि धमाके से क्षेत्र के लोग डरे हुए हैं।