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चीखों में बदल गए गीत: बार-बार म्यूजिक चला रहा था चालक, गाना बदलते हाथ से छूटा स्टीयरिंग

Tue, 07 Nov 2023 05:49 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी

सार

हादसे में घायल हुए यात्रियों ने राजोरी जीएमसी में बताया कि कोटरंका में ही चालक ने 10 सवारियों की क्षमता वाले वाहन में ज्यादा लोग भर लिए। 
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घायल को इलाज के लिए ले जाते हुए - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राजोरी-बुद्धल मार्ग के फाड़वाला क्षेत्र में टेंपो ट्रेवलर के खाई में गिरने के पीछे चालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हादसे में घायल हुए यात्रियों ने राजोरी जीएमसी में बताया कि कोटरंका में ही चालक ने 10 सवारियों की क्षमता वाले वाहन में ज्यादा लोग भर लिए। 

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इसके लिए उसे मना भी किया गया लेकिन वह नहीं माना। चलने के साथ ही उसने तेज गति से वाहन को भगाना शुरू कर दिया। रास्ते में उसने म्यूजिक सिस्टम चला दिया और बार-बार गीत बदल रहा था। उसका एक हाथ स्टीयरिंग पर तो दूसरा म्यूजिक सिस्टम पर था। वह किसी की भी बात नहीं सुन रहा था। 

रास्ते में एक जगह पहले भी हादसा होने से बचा। तब सभी यात्रियों ने उसे धीरे चलने के लिए कहा लेकिन उसने कहा कि यह उसका रोज का काम है। इतने में ही फाड़वाला के पास गीत बदलते वक्त वह एक हाथ से गहरा मोड़ काट रहा था, इस बीच हाथ से स्टीयरिंग छूट गया और वाहन पलक झपकते खाई में कई पलटियां खाते हुए लुढ़क गया। किसी को कुछ समझ नहीं आया कि क्या हुआ। 
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कुछ पलों में सब खून से लथपथ और एक दूसरे के ऊपर गिरे थे। यात्री इम्तियाज का कहना है कि टेंपो ट्रेवलर का चालक नशे में लग रहा था। उसने कई बार तेज न चलने के लिए कहा लेकिन वह चलाता रहा। इतना ही नहीं उसने सीट बेल्ट तक भी नहीं पहन रखी थी। कोटरंका थाने में चालक के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

यात्रियों ने कई बार गति को धीमा करने की लगाई गुहार

सड़क हादसे के शिकार टेंपो ट्रेवलर में बैठे यात्रियों ने रास्ते में कई बार चालक से गुहार लगाई थी कि वह टेंपो को हवाई जहाज की तरह ना चलाए बल्कि आराम से चलाए, लेकिन उसने किसी के आग्रह को नहीं माना। एक हाथ से स्टीयरिंग घुमाते हुए वह बार-बार गीत बदलता रहा और आवाज भी ऊंची कर रखी थी।
 

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रास्ते में कहीं नहीं मिले ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी

एक यात्री ने बताया कि वह शिकायत करते भी तो किससे। कोटरंका से हादसा स्थल के 25 किलोमीटर के सफर में कहीं पर भी ट्रैफिक का कोई कर्मचारी या कोई नाका नजर नहीं आया। नाका नहीं होने का भी एक कारण है कि इस रूट पर चालक लापरवाही से और ओवरलोडिंग कर सवारी गाड़ियां भगाते हैं।

लोगों में रोष-कहा-नाका होता, तो हादसा न होता

लोगों में हादसे के बाद यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के खिलाफ रोष है। उनका कहना कि इस हादसे की पीछे चालक के साथ दोनों विभाग उतने ही जिम्मेदार हैं। कंडी कोटरंका के समाज सेवक ठाकुर सुरजीत सिंह ने बताया कि कोटरंका बस अड्डे से लेकर हादसे वाले स्थान तक 25 किलोमीटर दूरी में यातायात पुलिस का एक भी नाका नहीं है। यही कारण है कि इस रूट पर ओवरलोड और ओवरस्पीड सवारी वाहन निकलते हैं। 

बुद्धल केवल के सरपंच फारुक इंकालबी ने कहा कि इस रूट पर हर रोज टेम्पों ट्रेवलर ऐसी ही मनमानी करते हैं। हर टेम्पों ट्रेवलर क्षमका ले अधिक सवारियां लेकर चलता है। ऊंची आवाज में म्यूजिक चलाना और मोबाइल फोन पर बात आम हो गया है। कंडी के सरपंच मनीर मिर्जा ने उप राज्यपाल प्रशासन से हादसे को लेकर यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाने की अपील की। युवा भाजपा नेता मंज़ूर नाइक ने विशेष नाके लगाने के लिए कहा।
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