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एलएसी और एलओसी दोनों मोर्चों से राजनाथ ने पड़ोसियों को दिया सख्त संदेश

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Rajnath gave a strong message to neighbors from both LAC and LOC fronts
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जम्मू। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने दो दिवसीय दौरे में एलएसी और एलओसी दोनों मोर्चों पर पड़ोसियों को सख्त संदेश दिया है। इस दौरान उन्होंने दुश्मन को दोगुनी ताकत से जवाब देने का सेना को मूल मंत्र दिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में एलओसी के साथ ही घाटी के आंतरिक इलाकों में अनुच्छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ पांच अगस्त तक विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत भी दी ताकि कश्मीर में गड़बड़ी फैलाने के किसी नापाक मंसूबे में पाकिस्तान सफल न होने पाए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद रक्षा मंत्री के लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर के दौरे को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रक्षा मंत्री ने एलएसी पर चीन तथा एलओसी पर पाकिस्तान सीमा के बिल्कुल करीब जाकर यह संदेश दिया कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। वह किसी भी हरकत से डरने वाला नहीं है। राजनाथ ने दोनों ही जगह जवानों का हौसला बढ़ाया। जवानों को मानसिक रूप से संबल प्रदान करने की कोशिश की। उन्हें बताया कि उन पर सेना को ही नहीं बल्कि 130 करोड़ भारतवासियों को गर्व है।
उन्होंने सैन्य कमांडरों के साथ बैठक कर एलएसी और एलओसी दोनों जगह अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। खासकर उन्होंने एलओसी पर पाकिस्तान की गतिविधियों का फीडबैक लिया। सूत्रों ने बताया कि कमांडरों की ओर से बताया गया कि सीमा पार लांचिंग पैड पूरी तरह सक्रिय हैं। संघर्ष विराम उल्लंघन की आड़ में लगभग 300 प्रशिक्षित आतंकियों की घुसपैठ कराने की तैयारी है। इसमें उत्तरी कश्मीर में बांदीपोरा, कुपवाड़ा, बारामुला, पुंछ तथा राजोरी जिले से लगते इलाके हैं। जम्मू से सटे कुछ इलाकों से भी घुसपैठ कराने की कोशिशें चल रही हैं। हालांकि, सेना इन कोशिशों को नाकाम कर रही है। सैन्य कमांडरों ने यह भी बताया कि अब जो इनपुट मिले हैं, उसके अनुसार पाकिस्तानी पोस्ट के पास से ही घुसपैठ के रास्ते चुने जा रहे हैं। फीडबैक के आधार पर रक्षा मंत्री ने आशंका जाहिर की कि पाकिस्तान पांच अगस्त तक गड़बड़ी की साजिशें कर सकता है। इस से सभी को अलर्ट रहना है। खासकर घाटी के अंदरूनी हिस्से में विशेष सतर्कता बरतनी है।
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पैंगोंग झील से जवानों को संबोधन चीन के लिए बड़ा संदेश: रक्षा विशेषज्ञ
रक्षा मंत्री ने जिस प्रकार शुक्रवार को लद्दाख में 45 किलोमीटर लंबी पैंगोंग झील के शुरुआत में लुकुंग फारवर्ड पोस्ट से सेना के जवानों को संबोधित किया, उससे साफ संदेश है कि भारत चीन के किसी भी प्रयास से घबराने वाला नहीं है। रक्षा विशेषज्ञ तथा कर्नल (सेवानिवृत्त) एसएस पठानिया का मानना है कि पैंगोंग झील से जवानों को संबोधन चीन के लिए बड़ा संदेश है। प्रधानमंत्री के बाद रक्षा मंत्री का लद्दाख जाना चीन तथा पूरे विश्व समुदाय खासकर देशवासियों के लिए बड़ा संदेश है कि सरकार सेना के पीछे पूरी ताकत के साथ खड़ी है।
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दौरे का उद्देश्य जवानों के हौसला बढ़ाना था। इसके साथ मौके पर जाकर एलएसी व एलओसी दोनों जगह सुरक्षा तैयारियों को परखना भी लक्ष्य था। खुशी है कि हमारे जवानों के हौसले बुलंद है। साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हमारी सेना बिल्कुल तैयार है।
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-राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
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