सांबा के पहाड़ी क्षेत्र में कटी गेहूं की फसल बारिश से हुई नष्ट।
सांबा। बीती रात आए तूफान और बारिश से किसानों की गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं के गट्ठर अभी भी पानी में तैर रहे हैं।
किसान ब्रिज लाल, सोमराज और अजीत लाल ने बताया कि अभी 20 से 25 प्रतिशत गेहूं की फसल खेत में खड़ी है। बारिश व तूफान से फसल खेत में बिछ गई है। उनके अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों ने हाथ से कटाई की है ताकि पशुओं के लिए भूसा निकाल लिया जाए लेकिन बारिश से गेहूं की फसल के गट्ठे भी पानी में तैर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार फसल का बीमा तक नहीं हुआ है, जिस कारण किसानों को चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के दावे कर रही है। ऐसे में किसान कैसे आत्म निर्भर बनेंगे। अब किसान खेती से ही मुंह मोड़ रहे हैं। किसानों के अनुसार जितना धन फसल पर खर्च किया जाता है, उतनी वापसी तक नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के भूसे के लिए भी परेशानी बनी हुई है। किसानों ने उपराज्यपाल से गुहार लगाई है कि किसानों के हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
गौरतलब है कि पहाड़ी ब्लाॅक सुंब के किसानों की भी खेत में कटी फसल नष्ट हो गई है। उधर, सीमावर्ती कस्बा रामगढ़ में गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई है। जिससे किसान परेशान हैं।