रियासत में शनिवार को मौसम का बदला मिजाज राहत के साथ आफत लेकर आया। उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के कई इलाकों में तेज हवाओं से दर्जनों घरों की टीन की छत्ते उड़ने के साथ कमजोर ढांचे तबाह हो गए। कई जगह पेड़ गिरने से आवाजाही बाधित हुई।
पिछले दो दिन से बारिश के कारण राम मुंशी बाग, श्रीनगर में बह रही झेलम 16 फीट से ऊपर बहने के कारण खतरे के निशान को पार कर गई। यहां 18 फीट तक बहाव के पहुंचने से बाढ़ की घोषणा की जाती है। जम्मू संभाग के कई जिलों में भी तेज हवाओं से बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
राज्य के अधिकतर हिस्सों में बादल छाने और बारिश से पारा सामान्य से 6-8 डिग्री तक लुढ़क गया है। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार अगले चौबीस घंटों में जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इसका असर 25 अप्रैल तक रहेगा।
श्रीनगर के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यकारी अभियंता सरताज सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर तक राम मुंशी बाग में झेलम 16.40 फीट पर बह रही थी, जो खतरे के निशान को पार कर गई थी। झेलम के किनारे बसे लोगों को सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है। श्रीनगर और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हुई।
जिला जम्मू के कई इलाकों में दिन भर रुक रुक कर बारिश होती रही। यहां पारे के 41 डिग्री के पार चले जाने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। यहां चौबीस घंटों में 5.3 मिलीमीटर बारिश होने से शनिवार को दिन का पारा सामान्य से आठ डिग्री गिरकर 27.3 डिग्री तक पहुंच गया। कटड़ा में भी पारे में पांच डिग्री गिरावट के साथ 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जिला कठुआ, राजोरी, उधमपुर आदि के कई इलाकों में हल्की और तेज बारिश से पारा गिर गया है। बारिश से गेहूं और सब्जियों की फसल की सिंचाई में किसानों को राहत मिली है।