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बारिश का पानी लोगों के लिए बना परेशानी

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बाड़ी ब्राह्मणा के बाजार में बारिश के बाद बदहाल स्थिति।
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घगवाल। तहसील घगवाल की पंचायत हरसात के वार्ड-चार में नाले की निकासी नहीं होने से लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। विभाग को बार-बार अवगत कराने पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। आलम यह है कि नाले की निकासी नहीं होने से नालियों का पानी गलियों के ऊपर से बहता है। यहां से लोगों का चलना व रहना तक दुश्वार हो चुका है। इसको लेकर लोगों में भारी रोष है।
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स्थानीय निवासी चंदन शर्मा, उपनीत खजूरिया, हिम्मत कुमार व अश्वनी कुमार ने बताया कि वह अपनी समस्या के बारे में विभागीय अधिकारियों सहित डीडीसी सदस्य व सरपंच को भी बता चुके हैं, लेकिन कोई करवाई नहीं की गई, जिसको लेकर स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि केंद्र सरकार भारत को गंदगी मुक्त बनाने के लिए कई अभियान चलाए हुए है, लेकिन उन अभियानों की पोल वार्ड-चार में फैली गंदगी को देखकर खुल जाती है। लोगों ने बताया कि नाली गंदगी से भर चुकी है, अगर कहीं ज्यादा बारिश हुई तो पानी लोगों के घरों सहित दुकानों के अंदर चला जाएगा, जिससे उनका भारी नुकसान हो सकता है, जिसको शीघ्र साफ करने की जरूरत है।
बारिश से लोगों को गर्मी से भी रहत मिली
विजयपुर। बारिश से कहीं खुशी और कही गम है। क्योंकि किसानों में काफी खुशी दिख रही है। लोगों को गर्मी से भी रहत मिली है। मगर बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। इस कारण लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्ड-सात और आठ के लोगों ने बताया कि बारिश का पानी हमारे घरों में घुस गया। क्योंकि पानी की निकासी न होने के कारण बारिश का पानी हमारे घरों में घुस गया। उससे हम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रकेश कुमार, तीर्थ राम, शिव कुमार आदि ने उपायुक्त से मांग की है कि नालों की सफाई कराई जाए और जिन लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है उसको हटाया जाए ताकि बरसात में पानी नाले से गुजरे। संवाद
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रात भर होती रही बूंदाबांदी, शाम को निकली धूप
अरनिया। सोमवार से शुरू हुई हल्की बारिश मंगलवार शाम तक जारी रही। वहीं शाम चार बजे के बाद बादल छटने से हल्की धूप भी निकली। हालांकि धूप निकलने के बाद भी बादल छाए रहे। जो बारिश होने का संकेत दे रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार इसके बाद भी अगर भले ही हल्की बारिश होती रहे तो गर्मी से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
दूसरी ओर किसानों के अनुसार करीब एक हफ्ते बाद बारिश तो जरूर हो रही है, मगर अभी भी धान रोपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे किसी तरह रोपाई तो हो जाएगी, मगर बढ़ोतरी में कमी रहेगी। इसके अलावा अगर आने वाले दिनों में होने वाली इस सीजन की बारिश यहीं पर रुक जाती है। तो शेष धान भी नहीं हो सकेगी। किसानों का कहना यह भी है कि इस हल्की बारिश से थोड़ी बहुत धान रोपाई तो कर ही लेंगे। मगर इसे अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने के लिए अभी भी कम से कम चार पांच हफ़्तों तक सिंचाई की सख्त जरूरत रहेगी। मौजूदा बारिश के रवैया को देखते हुए लगता नहीं कि आने वाले दिनों में भी सिंचाई के लिए बारिश की राहत बरसेगी।
बाढ़ के पानी में फंसी कार, लोगों ने चालक को सकुशल निकाला
सांबा। जिला के पहाड़ी कस्बा सुंब के अंतर्गत आने वाले गांव टाकी में मंगलवार दोपहर को एक कार नाले में बाढ़ के पानी में फंस गई। स्थानीय लोगों ने हिम्मत कर कार में सवार लोगों को सकुशल निकाल लिया। बाद में कार को भी निकाल लिया गया।
इसकी जानकारी देते हुए सरपंच सूरज प्रकाश वर्मा ने बताया लुधियाना पंजाब से कुछ लोग रिश्तेदार से मिलने के लिए टाकी गांव आ रहे थे। रास्ते में एक नाले में अचानक आई बाढ़ के कारण उनकी इनोवा कार पानी में फंस गई। स्थानीय लोगों ने कार में सवार लोगों को बाहर निकाला। बाद में कार को भी निकाल लिया गया। कार का भी काफी नुकसान हो गया है। सरपंच के अनुसार इस बाबत उन्होंने कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया कि सुंब टाकी तीन किलोमीटर मार्ग को बनाया जाए, लेकिन प्रशासन की ओर से आज तक कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है। यही कारण है कि प्रत्येक बरसात में क ई हादसे हो रहे हैं। यही मार्ग घगवाल तहसील के साथ भी मिलता है। उन्होंने मांग उठाई है कि मार्ग की मरम्म्त कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बडे़ हादसे का अंदेशा न बने।
बारिश से कंडी क्षेत्र में होगा मक्की और बाजरे की फसल को फायदा
बाड़ी ब्राह्मणा। बाड़ी ब्राह्मणा के ऊपरी कंडी क्षेत्र में बारिश से इस बार मक्की और बाजरे की फसल को फायदा होगा। इसको लेकर किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। लगभग 20 दिन पहले मक्की की फसल को किसानों द्वारा रोपाई कर दी गई थी। कंडी क्षेत्र में लगभग मक्की और बाजरे की फसल बारिश पर निर्भर रहती है। किसान भी आस लगाए रहते हैं कि अगर समय-समय पर बारिश होती रहे तो फसल की पैदावार अच्छी हो जाती है।
इस बार जैसे ही लोगों ने मक्की और बाजरे की फसल की रोपाई की तो उसके तुरंत बाद ही एक बारिश हो गई। उसके बाद भी लगभग 25 दिन के बाद दूसरी बारिश हो गई है, जिसको लेकर किसान काफी खुश हैं। मक्की की फसल भी इस बारिश से थोड़े ही दिनों में उभर कर ऊपर आ जाएगी और किसानों ने आस लगाई हुई है कि अगर समय-समय पर बारिश होती रही तो इस बार मक्की और बाजरे की बंपर पैदावार होगी।
किसान और बीरपुर के पूर्व सरपंच गौतम सिंह जमवाल का कहना है कि दो बार हुई बारिश मक्की बाजरे और तिलहन की फसल के लिए कोई औषधि से कम नहीं है। निरंतर अगर ऐसी बारिश होती रही तो इस बार इन फसलों की भरपूर पैदावार होगी, जो किसानों के हित के लिए काफी अच्छा होगा। संवाद
दिन भर हुई बारिश से बाजार दिखे सुने, और राहगीरों को हुई परेशानी
बाड़ी ब्राह्मणा। दिन भर हुई बारिश से बाजारों में भीड़ कम देखने को मिली। उसके अलावा क्षेत्र में जगह-जगह पर रास्तों पर गड्ढों में भी पानी जमा हो गया। इसमें राहगीरों को आने-जाने में परेशानी हुई। बारिश थमने के बाद की स्थिति बदल गई। ग्राहक भी दुकानों पर खरीदारी करते नजर आए। मंगलवार सुबह से हो रही बारिश ने लोगों के पैर घरों में ही थाम दिए। हालांकि शहर में कोई भी बारिश के चलते नुकसान का मामला सामने नहीं आया है। शहर के निचले इलाकों में पानी का जलस्तर कुछ हद तक बढ़ गया। बारिश थमने से स्थिति नियंत्रण में आ गई है। संवाद
गड्ढे होने के चलते सिडको चौक एक तरफ से किया बंद
बाड़ी ब्राह्मणा। सिडको चौक पर गड्ढे होने के कारण उसे एक तरफ से बंद कर दिया गया है। इससे यातायात की समस्या भी आ रही है। सिडको चौक के मुख्य द्वार पर एक तरफ पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। इनमें बारिश के चलते पानी भर गया है। उसी से यातायात की समस्या सामने आ रही है। क्योंकि चौक पर दो तरफा यातायात और गाड़ियां आने जाने के लिए निकलती थीं। वहीं सिर्फ एक ही रास्ते से गाड़ियां निकल रही है। औद्योगिक क्षेत्र से आने वाली गाड़ियां पहले दो तरफ से हाईवे पर जाती थीं, लेकिन एक रास्ता बंद होने के कारण अब एक रास्ते से ही हाईवे पर गाड़ियां चल रही हैं। इसके चलते हादसा होने की भी संभावना बन रही है। पुलिस की तरफ से बैरियर लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है। संवाद
चिनाब में पानी बढ़ा, प्रशासन ने जारी कि अलर्ट
अखनूर। पहाड़ों में दो दिन से हो रही बारिश से चिनाब दरिया उफान पर आ गई है। इसमें प्रशासन ने अलर्ट जारी करके लोगों को दरिया से दूर रहने की हिदायतें दी हैं। वहीं दरिया के किनारे रहने वाले गुज्जर समुदाय के परिवारों को हटाया गया है।
मंगलवार सुबह को चिनाब दरिया का जलस्तर बढ़ने लगा। जो सुबह नौ बजे 28.5 गेज पहुंच गया। इसके बाद 11 बजे 28 गेज रहा। दोपहर बाद दरिया का जलस्तर स्थित रहा। दरिया का पानी 32 गेज पहुंचने पर हाई अलर्ट किया जाता है। 35 गेज खतरा चिह्नित किया गया है। दूसरी ओर दुलहस्ती डैम से पानी छोड़ने की घोषणा पर क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण विभाग और सेना की टीमों को अलर्ट किया गया है। प्रशासन की तरफ से चिनाब दरिया के पास रहने वाले लोगों को दरिया के पास नहीं जाने की हिदायतें दी गई हैं। अखनूर क्षेत्र के सटे दरिया किनारे बसे गुज्जर समुदाय परिवार को हटाया गया है। चिनाब दरिया की जियो पोता घाट, हरि मंदिर घाट और चंदिया घाटों में पानी ऊपर से बह रहा है। चंदिया और हरि मंदिर घाटों में शमशान घाट डूब गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक्सईएन अजय गुप्ता ने बताया कि दरिया पानी अधिक होने की आशंका पर अलर्ट जारी किया गया है।
किसानों की उपजाऊ भूमि चिनाब में समाई
जयौडियां। बारिश से खौड़ तथा ज्यौड़ियां क्षेत्र के वह गांव जो दरिया चिनाब के साथ सटे हैं। वहां के किसानों की उपजाऊ भूमि का बढे़ जलस्तर से भू-कटाव हो रहा है। उनकी उपजाऊ भूमि चिनाब में समा रही है। ज्योड़ियां की पंचायत बनदवाल के लोगों ने मंगलवार को केंद्र सरकार तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग के खिलाफ परदर्शन किया।
लोगों ने कहा कि हमारी उपजाऊ भूमि हर साल हर चिनाब में समा रही है, लेकिन सरकार तथा विभाग लापरवाह बना हुआ है। दो दिन से जारी बारिश से चिनाब के बढ़े जलस्तर ने तांडव मचाया हुआ है। उपजाऊ भूमि का कटाव जारी है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने सुध नहीं ली है। पंचायत बनदवाल के गांवों में भी चिनाब का पानी पहुंचने का खतरा है। लोग सहमें हुए हैं। लोगों ने डीसी जम्मू तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों से गांवों में पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने की मांग की है। वहीं गांव दतेयाल, दानपुर, गरजाल, हमीरपुर सिदड, देवीपुर, बकोर, सगरामपुर आदि के लोग भी बढ़े जलस्तर से सहमें हुए हैं।
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