मुसीबत की घड़ी में दिखाई गई थोड़ी-सी तत्परता किसी की जिंदगी बचा सकती है। जम्मू रेलवे स्टेशन पर रेलकर्मी बबलू कुमार ने साहस, सूझबूझ और मानवता से मिसाल पेश की।
मुसीबत की घड़ी में दिखाई गई थोड़ी-सी तत्परता किसी की जिंदगी बचा सकती है। जम्मू रेलवे स्टेशन पर रेलकर्मी बबलू कुमार ने साहस, सूझबूझ और मानवता से मिसाल पेश की। ड्यूटी के दौरान अचानक अचेत होकर गिरे एक यात्री को उन्होंने करीब 10 मिनट तक सीपीआर देकर तत्काल मदद पहुंचाई। यात्री की सांसें व चेतना वापस आई।
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एसी विभाग में कार्यरत सहायक बबलू कुमार रविवार को स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6-7 पर पर ट्रेनों के आवागमन से संबंधित ड्यूटी संभाल रहे थे। प्लेटफार्म पर पहुंची झेलम एक्सप्रेस (11077) से एक यात्री उतर कर बेंच पर बैठा था। कुछ देर बाद अचानक वहीं अचेत होकर गिर पड़ा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बबलू कुमार ने बिना समय गंवाए सीपीआर देना शुरू कर दिया।
करीब 10 मिनट तक लगातार छाती पर दबाव देकर उन्होंने यात्री को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद यात्री की सांसें और चेतना लौटने लगीं। प्राथमिक सहायता के बाद उसे एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पता चला कि यात्री अकेले आगरा से वैष्णो देवी जाने के लिए आया था।
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बबलू कुमार की इस जीवनरक्षक पहल की रेलवे अधिकारियों और सहकर्मियों ने सराहना की। मंडल रेल प्रबंधक, जम्मू मंडल और वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता ने उनके प्रयास की प्रशंसा की। वरिष्ठ खंड अभियंता (वातानुकूलित) रणजीत पासवान सहित विभाग के कर्मचारियों ने भी उन्हें बधाई दी। बबलू कुमार की तत्परता ने साबित किया कि सही समय पर मदद कर दूसरों की जान बचाई जा सकती है।