अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू रेलवे स्टेशन पर निशुल्क सेवाओं की हालत खस्ता है। रखरखाव के अभाव में यहां बस स्टैंड का पर्यावरण अनुकूल शौचालय गंदगी का अड्डा बन गया है। दिव्यांगों का शौचालय भी बंद पड़ा है। इस कारण दिव्यांगों के साथ यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन के बस स्टैंड से कटड़ा के लिए बस और शहर के लिए ऑटो व मेटाडोर चलती है। प्रतिदिन हजारों यात्रियों को मजबूरन पैसे देकर शौचालय का उपयोग करना पड़ रहा है, क्योंकि निशुल्क शौचालय में गंदगी, दरवाजे टूटे हैं और सामने वाहन पार्क हो रहे है। यहां तक कि घास उग गई है। इसके साथ अन्य शौचालय है जहां पैसे देकर सुविधा दी जाती है। ठेकेदार की कमाई होती रहे, इसलिए व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा। प्लेटफॉर्म-दो और तीन पर शौचालय नहीं है। ऐसे में यात्री फुटओवर ब्रिज से सीधे स्टेशन के बाहर आते हैं। वह सबसे ज्यादा बस स्टैंड के शौचालय का उपयोग करते हैं, लेकिन गंदगी के कारण मजबूरन पैसे देकर अन्य शौचालय का उपयोग करना पड़ रहा है।
यात्री बोले- यह पैसे कमाने का खेल
अनदेखी ऐसी है कि वीरवार को लोकेश बेगमपुरा एक्सप्रेस से जम्मू रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। बस स्टैंड से बस में कटड़ा जाना है। शौचालय उपयोग करने के लिए मजबूरन पैसे देने पड़े। इसी तरह रमेश को दिक्कत आई। उन्होंने कहा कि यह सब पैसे कमाने का खेल है। निशुल्क शौचालय में अव्यवस्था इसलिए है ताकि शौचालय का कारोबार चल सके।
सात साल पहले बनाया गया था शौचालय
2016 में पर्यावरण अनुकूल शौचालय जम्मू रेलवे स्टेशन के बस स्टैंड में बनाया गया था। उद्देश्य था-यात्रियों को बेहतर सुविधा देना, लेकिन अब यह शोपीस बनकर रह गया है। यहां मल को बायोगैस में परिवर्तित करने का तंत्र था। दिव्यांग लोगों के लिए भी शौचालय का उपयोग करना काफी आसान था। नम्मा मॉडल शौचालय इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) की ओर से 17 लाख रुपये की लागत से तैयार किया था।
शौचालय की खस्ताहाल स्थिति में सुधार किया जाएगा। नियमित साफ-सफाई करवाएंगे ताकि यात्रियों को परेशानी न आए।
प्रतीक श्रीवास्तव, स्टेशन निदेशक