डीपीएस ग्रेटर नोएडा की प्रिंसिपल संध्या अवस्थी ने कहा कि सफलता के लिए आवश्यक कौशल में प्रौद्योगिकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण का एकीकरण जरूरी है। शिक्षक सम्मेलन में देश के शैक्षिक परिदृश्य पर एनईपी के दूरगामी प्रभावों पर विचार-विमर्श हुआ।
राधा फाउंडेशन ने शहर के रेडिसन ब्लू होटल में कलेक्टिव एन एजुकेटर कॉन्क्लेव (सामूहिक शिक्षक सम्मेलन) का आयोजन किया। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण और भारत के शैक्षिक परिदृश्य पर इसके दूरगामी प्रभावों पर विचार-विमर्श किया गया।
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डीपीएस ग्रेटर नोएडा की प्रिंसिपल संध्या अवस्थी मुख्य अतिथि रहीं। बदलते वैश्विक परिदृश्य में सफलता के लिए छात्रों को आवश्यक कौशल देने में प्रौद्योगिकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन सत्र में एनईपी के पांच मार्गदर्शक स्तंभ पहुंच, समानता, गुणवत्ता, सामर्थ्य और जवाबदेही पर जोर दिया। एसएस नथयाल व तन्वी नथयाल (संस्थापक निदेशक) ने कहा कि इससे समावेशी और उच्च गुणवत्ता वाला शैक्षिक वातावरण तैयार होगा जो भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति के रूप बदलेगा।
डीपीएस ग्रेटर नोएडा की प्रिंसिपल संध्या अवस्थी ने तीन से 18 वर्ष की आयु के छात्रों के लिए तैयार किए गए नए 5+3+3+4 पाठ्यक्रम ढांचे पर बात की। इसमें बुनियादी साक्षरता, अलोचनात्मक सोच और रचनात्मक सीख पर बल दिया। प्राथमिक शिक्षा को सार्वभौमिक बनाने व 2025 तक सभी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता हासिल करने के एनईपी के उद्देश्य पर भी ध्यान दिलाया। इसके बाद शैक्षणिक परिवेश में करियर काउंसलिंग की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई।
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टेंपल ऑफ लर्निंग और गाइड
करियर के संस्थापक राजेश मिश्रा ने कहा कि करियर काउंसलिंग से विद्यािर्थयों को अपनी ताकत, रुचियां और मूल्यों को समझने में मदद मिलती है। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी), एनईपी पर भी विस्तार से चर्चा
की गई।
अगले वर्ष 20 लाख से अधिक विद्यार्थी आवेदन करेंगे
राजेश मिश्रा ने कहा कि 2022 से सीयूईटी शुरू हुआ था। 2022 में 13.67 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। 2024 में 14.99 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया। अगले वर्ष 20 लाख से अधिक विद्यार्थी आवेदन करेंगे। इस दौरान एनईपी को लागू करने में चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में अमर उजाला मीडिया पार्टनर रहा।