अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्मार्ट सिटी में सड़कों की हालत दयनीय है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। यातायात व्यवस्था भी डांवाडोल हो चुकी है। वाहनों की रफ्तार कतारों में फंस रही है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को परेशानी झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पिछले साल लोक निर्माण विभाग की ओर से आठ करोड़ सिर्फ मरम्मत पर ही खर्च किए गए, लेकिन बरसात होते ही सड़कों पर गड्ढों के रूप में जख्म उभर आए। अब फिर नौ करोड़ रुपये के कार्य होने जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि सड़कों की हालत में सुधार होगा, मगर 212 सड़कों में 1675 से ज्यादा गड्ढे कार्यप्रणाली पर सवाल साध रहे हैं।
हैरानी की बात है कि इतनी राशि वहन करने के बाद एक साल के बीच में ही सड़कें टूट गईं। जिम्मेदारी तय करने के बजाय अब दोबारा पैसे खर्च करने की योजना तैयार हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग 212 सड़कों में गड्ढों को अगले महीने से भरेगा। पहले चरण में दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिसमें पैचवर्क और डंगा लगाने का भी काम होगा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी है। अक्तूबर के पहले सप्ताह से काम आवंटित किए जाएंगे।
वहीं, सबसे ज्यादा खराब हालात बेलीचराना, बावे वाली माता मंदिर रोड, पुराना शहर, रायपुर सतवारी, भगवती नगर, नानक नगर, पलौड़ा, जानीपुर में है। यहां पर सफर मुश्किल हो चुका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि विभाग को कई बार समस्या बताई गई, मगर सुनवाई नहीं हो पाई। गहरे गड्ढों के कारण रात में ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
इस बार नियमों का रखा जाए ध्यान
नेता विपक्ष द्वारका चौधरी, वार्ड-73 के पार्षद युद्धवीर सिंह, वार्ड 74 के पार्षद शौवत अली और वार्ड 12 के पार्षद जीत राम भारद्वाज ने कहा कि हर बार मरम्मत ही होती है, बरसात में फिर सड़कें परेशानी बन जाती हैं। तारकोल के दौरान नियमों को पूरा ध्यान रखा जाए। हर बार की तरह गड्ढों की जगहों में तारकोल न डाला जाए।
सड़कों में गड्ढों को भरने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए गए हैं। अक्तूबर से काम आरंभ हो जाएगा। जहां पर ज्यादा व्यस्त रोड है, वहां इसी माह में गड्ढे भरे जाएंगे।
- राजेंद्र शर्मा, मेयर
मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। एस्टीमेट तैयार करने के बाद अब टेंडर करवाए जा रहे हैं। पैचवर्क सहित अन्य काम को पूरा किया जाएगा।
- रजत गुप्ता, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग