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Jammu News: जेडीए में फर्जीवाड़ा - अब क्राइम ब्रांच करेगी गायब 350 फाइलों की जांच, केस भी होगा दर्ज

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) के कार्यालय से 2014 से 2019 के दौरान गायब हुईं करीब 350 फाइलों की जांच क्राइम ब्रांच करेगी। अमर उजाला में प्रमुखता से मामला उठने के बाद शासन हरकत में आया है।

शहरी आवास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव प्रशांत गोयल ने जांच के लिए 27 सितंबर को क्राइम ब्रांच को पत्र लिखा है। जांच शुरू होते ही फर्जीवाड़े की परतें खुलेंगी। इससे अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। क्राइम ब्रांच 350 फाइलों और दस्तावेजों के सुबूत एकत्रित करेगी। सुबूत मिलने के बाद फर्जीवाड़े में संलिप्त आरोपियों पर मामला दर्ज किया जाएगा।
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इससे पहले पांच साल बीतने के बाद न तो जिम्मेदारी तय की गई, न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जहमत उठाई गई। प्रथम दृष्टया में रिकॉर्ड रूम की तीन डिवीजनों के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ रही है। कुछ अधिकारी व आलाधिकारी भी फर्जीवाड़े की जद में हैं, क्योंकि विभागीय जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति की गई। जांच रिपोर्ट में इस बात तक का जिक्र नहीं किया कि दस्तावेजों के गायब होने के मामले में दोषी कौन हैं और कैसे फाइलें गायब होती रहीं।

जेडीए से फाइलों के गुम होने का मामला पहली बार 2019 में सामने आया। फर्जीवाड़े को दबाने के लिए कुछ आवंटियों को डुप्लीकेट फाइलें भी दी गईं। इसका कई आवंटियों ने विरोध कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 2020 में डुप्लीकेट फाइलें नहीं देने पर फैसला लिया गया। 2021 में कमेटी का गठन हुआ।

कमेटी ने जांच के बाद रिपोर्ट सौंपी। इसमें 16 से ज्यादा कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका जताई गई। रिकॉर्ड कीपर से लेकर अधिकारियों तक के नाम सामने आए, लेकिन कार्रवाई के बजाय रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पता चला है कि इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। क्राइम ब्रांच की जांच में बड़े खुलासे होने की संभावना है।

ये अफसर करेंगे नए दस्तावेज तैयार

उधर, शहर विकास विभाग के प्रमुख सचिव प्रशांत गोयल की ओर से पूरे मामले में जांच एवं अभिलेखों के पुनर्निर्माण कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके लिए निदेशक भूमि विकास प्रबंधन जम्मू के नेतृत्व में छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। टीम में जेडीए के सचिव, सीएओ, चीफ टाउन प्लानर और हाउसिंग बोर्ड के सचिव के अलावा हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के लीगल सहायक को सदस्य नामित किया गया है। इन्हें एक साल में जांच पूरी कर नए सिरे से दस्तावेजों को तैयार करवाने का जिम्मा सौंपा गया है।
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शासन की ओर से निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को पत्र लिखा गया है। मामले में एफआईआर दर्ज होगी और आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कौन जिम्मेदार हैं, उस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। जांच के बाद सब कुछ सामने आ जाएगा।

- साहिल जंडियाल, सचिव, जेडीए
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