पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के बेहद करीबी अब्दुल रशीद गाजी को भारत भेजा था। गाजी को अफगानिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। वह तालिबान आतंकियों के साथ मिलकर अफगानिस्तान में हुए कई हमलों में शामिल रहा था।
सूत्रों के अनुसार गाजी ने दो अन्य आतंकियों के साथ कश्मीर में गत नौ दिसंबर 2018 को घुसपैठ की थी। गाजी जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य ट्रेनर था और उसे आईईडी एक्सपर्ट भी माना जाता था।
खुफिया एजेंसियो की रिपोर्ट के मुताबिक गाजी के पुलवामा में होने के इनपुट मिले थे। जैश चीफ मसूद अजहर ने उसे कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती कर आतंकी हमले के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। सुरक्षा एजेंसियों को शक था कि मसूद अजहर सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए अपने दो भतीजों उस्मान और तल्हा का बदला लेना चाहता है।
कश्मीर में जारी ऑपरेशन ऑल आउट में काफी संख्या में आतंकी मारे जा रहे हैं, जिससे आतंकियों में घबराहट थी। आतंकियों के पास हथियारों की भी भारी कमी है, जिस कारण वह सुरक्षाबलों के हथियारों को लूटने की कोशिश में लगे हुए थे।