सांबा। जिले के अपर बीरपुर पंचायत में पंचायतघर की इमारत के न होने से पंचायत सदस्य काफी परेशान हैं। उन्हें बैठने तक की सुविधा नहीं है। एक ओर केंद्र व स्थानीय प्रशासन नारा दे रहा है चलो गांव की ओर। जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी भी पंचायतों में पहुंच कर लोगों से रूबरू हो कर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं। बीरपुर पंचायत इससे भी अछूती रह रही है।
सरपंच वीना जमवाल ने बताया कि सरकार गांव चलो का नारा तो दे रही है, लेकिन गांव में कहां चला जाएगा। उन्होंने बताया की आज तक उन्हें पंचायत में इमारत नहीं दी गई है। ऐसे में उन्हें बैठने के लिए भी क ई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत उन्होंने जिला प्रशासन को अपनी समस्या के बारे में अवगत कराया है, लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है। अब तो उन्होंने बैक टू विलेज-3 के बहिष्कार का निर्णय लिया है। वह किसी कार्यक्रम में भाग नहीं लेने के बारे में विचार कर रहे हैं। सरपंच ने बताया कि पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए दावे तो बडे़-बड़े किए जा रहे हैं, लेकिन हमारी पंचायत की हालत देख कर लगता नहीं है कि पंचायतें कभी सशक्त बन पाएंगी। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की है कि पंचायतों के बारे में जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाएं ताकि पंचायत प्रतिनिधियों को भी कोई सुविधा मिल सके।