मनरेगा घोटाले के संबंध में दायर जनहित याचिका मामले में सोमवार को मुख्य न्यायाधीश एनपाल वसंथाकुमार और न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर ने सुनवाई करते हुए सतर्कता विभाग को मामले की जांच पूरी करने के लिए चार हफ्ते तक का समय दिया।
आशिक हुसैन की ओर से दायर की गई जनहित याचिका मामले में कहा गया कि मनरेगा योजना के तहत गांव के बेरोजगार व्यक्ति को जॉब कार्ड देने का प्रावधान था।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत रेवेन्यू और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से गांव के सरकारी मुलाजिम, छोटी उम्र के बच्चों सहित मर चुके लोगों के नाम जॉब कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
इस मामले में सतर्कता विभाग ने पंच और सरपंचों को भी लाखों रुपयों के तहत गैरकानूनी तरीके से जॉब कार्ड बनाने के मामले में केस दर्ज किया था।
इस मामले में एडवोकेट एसके पुरी की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीशों ने सतर्कता विभाग को मामले और मामले से जुड़े आरोपियों की छानबीन और जांच पड़ताल करने के लिए चार सप्ताह के बाद रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। जेएनएफ