जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पीडीपी के एक और पूर्व विधायक पीरजादा मंसूर पर पीएसए लगा दिया है। मंसूर अनंतनाग जिले के शांगुस विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हिरासत में लिए गए मुख्यधारा के दलों के नौ नेताओं पर अब तक पीएसए की कार्रवाई की जा चुकी है। जिन प्रमुख नेताओं पर पीएसए लगाया गया है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त को एहतियातन हिरासत में लिए गए पीडीपी के वरिष्ठ नेता और महबूबा मुफ्ती के मामा सरताज मदनी, नेकां के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर और डॉ. बशीर वीरी को रिहा किया जा चुका है। हालांकि रिहाई के तुरंत बाद उन्हें पीएसए में गिरफ्तार कर लिया गया। मदनी और सागर को गुपकार स्थित सरकारी बंगले में ले जाया गया। जबकि वीरी को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले पीपुल्स कॉन्फेंस के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सज्जाद गनी लोन, पीडीपी नेता वहीद, पीडीपी नेता अब्दुल कयूम वानी को भी एमएलए हॉस्टल से रिहा कर दिया गया। अमर उजाला ने यह खबर प्रकाशित की थी कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन एहतियातन बंदी बनाए गए नेताओं की हो रही क्रमबद्ध रिहाई के बाद उन नेताओं व कार्यकर्ताओं पर पीएसए के तहत कार्रवाई कर सकता है जिनसे उसे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका हो।