अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने मांगें पूरी करवाने के लिए वीरवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा के सभी विधायकों के नाम की शोक सभा की। कहा कि ये नेता हमारे लिए काम नहीं कर रहे, क्योंकि किसी भी विधायक या सांसद ने आकर समस्याओं को नहीं सुना। अस्थायी कर्मियों ने शुक्रवार को होने वाली गृहमंत्री अमित शाह की रैली में मुर्दाबाद के नारे लगाने की चेतावनी दी थी। इसकी सूचना मिलते ही मंडलायुक्त जम्मू ने कर्मियों से मुलाकात की। कहा कि 30 जून के बाद उप राज्यपाल से बैठक कराएंगे। इस आश्वासन पर कर्मियों ने रैली में कोई भी नारेबाजी करने का फैसला टाल दिया।
पीएचई डेलीवेजर इंप्लाइज फोरम के प्रवक्ता रवि हंस ने कहा कि 2014 में अस्तित्व में आने के बाद से ही भाजपा सरकार ने डेलीवेजरों का वेतन बंद कर दिया। आज 70 महीने बीत गए हैं और वेतन तक नहीं मिला। यहां तक कि हमारे ऊपर 10 बार लाठीचार्ज करवाया। आरोप लगाया कि 500 के करीब डेलीवेजरों को स्थायी किया, जो भाजपा कार्यकर्ता थे। जबकि 30 हजार कर्मियों की सुध नहीं ली गई। कहा कि जब भाजपा नेता विधायक नहीं थे तो वह हमारे साथ आकर प्रदर्शन करते थे। जब विधायक बन गए तो उन्हें हमारी कोई दिक्कत नजर नहीं आई। अस्थायी कर्मियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना से मांग की कि उनको स्थायी करने को लेकर उच्च स्तर पर बात करें।