घाटी की बाढ़ में फंसे खिलाड़ियों की सकुशल वापसी की मांग पर घर वालों ने रविवार को जम्मू में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उनका आरोप था कि उनके बच्चे कई दिन से पानी में फंसे हुए हैं लेकिन उन्हें वहां से निकालने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने बचाव कार्यों में भी ओहदेदार लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। इस बीच तवी पुल को जाम करने पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। इसके बार प्रदर्शनकारियों ने नावाबाद पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध जताया।
रविवार शाम को प्रेस क्लब के बाहर खिलाड़ियों के घरवालों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस कर्मियों से कहासुनी भी हुई। प्रदर्शनकारी शालू मेहरा ने कहा कि उनका भाई गौतम मेहरा फुटबाल खिलाड़ी है और एक बैंक की ओर से खेलता है। वह श्रीनगर के जवाहर नगर के बाद राजपुरा में एक मकान की दूसरी मंजिल पर भी पानी में फंसा है लेकिन उसे निकालने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।
इसी तरह शीतल कुमारी ने बताया कि उनका बेटा रोहित श्रीनगर की बाढ़ में फंसा है। कई दिन से पानी में फंसे रहने के कारण उनकी हालत खराब हो गई है। बच्चे यहां तक कह रहे हैं कि जब हम वह जाएंगे, तभी हमें बचाने आओगे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दस के करीब ऐसे खिलाड़ी भारी बाढ़ में फंसे हैं। वे विभिन्न स्थानों पर फोन से अपनी जानकारी दे रहे हैं। इनमें कोई पहली तो कोई दूसरी मंजिल पर फंसा है और नीचे उफनते पानी का भयावह दृश्य है।
इस दौरान शिव सेना हिंदुस्तान के प्रधान अशोक गुप्ता और नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार को ऐसी स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। राज्य के लिए खेल रहे खिलाड़ियों को प्राथमिकता पर घाटी से निकालकर उनके घर वालों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने सरकार से बचाव कार्यों में भी तेजी लाने पर जोर दिया।