रियासत में आई बाढ़ के बाद व्यापारियों और उद्यमियों को हुए नुकसान के बाद अब कामर्शियल टैक्स विभाग पर त्रिमाही वैट जमा करने के अलावा वैट रिटर्न की अंतिम तिथि बढ़ाने का दबाव बनने लगा है। इतना ही नहीं, चार्टेड अकाउंटेंटों ने भी विभाग से कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में वे व्यापारियों की रिटर्न के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे।
इस संबंध में जहां चैंबर आफ कामर्स ने एक दिन पहले कामर्शियल टैक्स कमिश्नर से मिलकर अपील की है, वहीं शुक्रवार को चैंबर आफ ट्रेडर्स फेडरेशन ने भी तिथि बढ़ाने की मांग की है। फेडरेशन के प्रेसीडेंट यशपाल गुप्ता के नेतृत्व में कमिश्नर से मिले प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या बताई।
साथ ही कमिश्नर से आग्रह किया कि त्रिमाही रिटर्न, रिवाइज्ड रिटर्न, वैट आडिट रिटर्न की तिथि कम से कम तीन माह बढ़ाई जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बाढ़ से आई तबाही से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और ऐसे में व्यापारी वैट रिटर्न, वैट रिवाइज्ड रिटर्न और आडिटेड बैलेंस शीट जमा करने की स्थिति में नहीं हैं।
इसलिए विभाग तिथि बढ़ाकर राहत दे। प्रतिनिधिमंडल में नीरज आनंद, दिनेश गुप्ता, विनोद सचदेव, विजय सराफ, विनोद महाजन और अन्य शामिल थे।