रियासी। स्वयं सहायता समूह योजना के बंद होने पर युवा इंजीनियर्स ने वीरवार को रोजगार विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रोष जताया। उन्होंने कहा गया कि बीते वर्ष अनुच्छेद 370 व 35ए हटाने के साथ ही प्रदेश के युवाओं में आस जगी थी कि अब उन के अच्छे दिन आएंगे और रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलेंगे। मगर मौजूदा समय में स्थिति और भी खराब हो गई है। इस कारण युवा सड़कों पर उतरने को मजबुर हो गए हैं। इंजीनियर्स को स्थाई नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने स्वयं सहायता समूह के जरिये काम शुरू किया, ताकि गुजारा चल सके। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना पर काम करने आई कंपनी में भी वह काम नहीं कर सकते हैं। कंपनी के अधिकारी उनको अनुभव प्रमाण पत्र लेकर आने को कहते हैं, जो उनके पास नहीं है। अब सरकार ने स्वयं सहायता समूह को बंद कर जीविका कमाने का अवसर खत्म कर दिया है। इससे युवा काफी निराश हैं। उन्होंने कहा कि नए कानून को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।