- जीएमसी में दिन भर गूंजा सरकार विरोधी स्वर, शाम को कैंडल मार्च निकाल जताया विरोध
- इमरजेंसी, ओपीडी, आईपीडी, सर्जरी से लेकर सभी स्वास्थ्य सेवाओं का किया वॉकआउट
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजकीय मेडिकल काॅलेज (जीएमसी) जम्मू में इंटर्न डाॅक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखा। प्रशिक्षु चिकित्सकों ने इमरजेंसी, ओपीडी, आईपीडी और सर्जरी सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से वॉकआउट किया। इससे मरीज और तीमारदार परेशान हुए। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी, आईपीडी, सर्जरी और रेडियोथेरेपी में रेजिडेंट डॉक्टरों पर दबाव रहा।
सोमवार को ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 1194 रही जबकि मंगलवार को 292 मरीजों की संख्या कम होकर 902 तक सीमित रही। अस्पताल प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्थाओं के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रखा गया। फिर भी इमरजेंसी, ओपीडी में आने वाले मरीज से लेकर वार्डों में भर्ती रोगियों को इंटर्न चिकित्सक के न होने से कुछ परेशानी हुई। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और खून के नमूनों से लेकर बीपी, शुगर की जांच में नर्सिंग स्टाफ ने माेर्चा संभाला।
इंटर्न चिकित्सकों ने जीएमसी परिसर में दिनभर धरना देकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर स्टाइपेंड बढ़ाकर 25,000 करने की मांग की। इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। शाम को जीएमसी परिसर में कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियां लेकर चिकित्सकों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए। इंटर्न चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं किया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में एमबीबीएस और बीडीएस के डॉ. उमैर, डाॅ. शहनवाज, डॉ. रितिका, डॉ. रिजिमा, डॉ. ओजस्वी, डॉ. शिवांश, डॉ. मुनीष, डॉ. मुशर्रफ हनीफ, डॉ. मुस्ताक और डॉ. मुकेश सहित अन्य शामिल रहे रहे।
ये तीन समस्याएं देखने को मिली
- ओपीडी में आने वाले मरीजों की प्राथमिक जांच और दवाएं लिखवाने के लिए रेजिडेंट्स डाॅक्टर के खाली होने का इंतजार करना पड़ा।
- एक्सीडेंट व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज की आपातकालीन स्थिति में तत्काल इलाज इंटर्न डाॅक्टर के न होने पर नर्सिंग स्टाफ ने किया।
- सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे और रक्त जांच के लिए पर्ची पर रेजिडेंट्स डाॅक्टर से लिखवाने के लिए इंतजार करना पड़ा।
स्ट्रेचर पर पहुंचकर रेजिडेंट्स डाॅक्टरों ने किया इलाज
इमरजेंसी और ओपीडी में स्ट्रेचर पर आने वाले मरीजों को पहले इंटर्न डॉक्टर देखते और तीमारदार से उसकी बीमारी के बारे में जानकारी कर पर्ची में केस हिस्ट्री लिखते थे। इंटर्न डॉक्टर के हड़ताल पर होने की वजह से रेजिडेंट्स डॉक्टरों को ये कार्य भी करना पड़ा। ऐसे में मरीज का नंबर आने में 15 से 20 मिनट का अतिरिक्त समय लगा।
रेजिडेंट्स डॉक्टर ने संभाला मोर्चा
मेडिसिन में
1 - डॉ. विजय कुंडल
2 - डॉ. गुरमीत सिंह
3 - डॉ. सुमन कोतवाल
4 - डॉ. शहजाद कुरैशी
सर्जरी में
1 - डॉ. तारिक परवेज अहमद
2 - डॉ. मोहम्मद रायजा
3 - डाॅ. विक्रांत सिंह
4 -डॉ. सौरभ अबरोल
5 - डॉ. संजय रैना
रेडियोथिरैपी में
1- डॉ. राहुल शर्मा
2- डॉ. शबाब अंगुराना
3- डॉ. नदीम शौकत
मंगलवार को ओपीडी
मेडिसिन : 184
सर्जरी : 173
नेत्र रोग : 167
एंटी रैबीज : 36
रेडियोथिरैपी : 08
आयुष आयुर्वेद : 14
इमरजेंसी व अन्य : 320
कुल ओपीडी - 902
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स्टाइपेंड बढ़ाने से लेकर अन्य मांगों को लेकर दो दिनों से इंटर्न एमबीबीएस और बीडीएस डाॅक्टर हड़ताल पर हैं। रेजिडेंट्स चिकित्सक अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी और दाखिल मरीजों का पूर्व की तरह उपचार कर रहें हैं। किसी मरीज को परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
- डॉ. विरेंद्र, अधीक्षक, जीएमसी जम्मू