फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: कठुआ जिले के डुगैन में लोगों के विरोध के बाद एसटीएफ पोस्ट का स्थानांतरण रोका

विज्ञापन
विज्ञापन
- आतंकी वारदात बढ़ने से 1998 में स्थापित की गई थी पोस्ट
विज्ञापन

- स्थानीय लोगों ने कहा, इलाके में आतंकी सक्रिय, पोस्ट हटाना सुरक्षित नहीं



संवाद न्यूज़ एजेंसी
बिलावर। कठुआ जिले के लोहाई मल्हार के डुगैन ब्लॉक में स्पेशल टास्क पोर्स (एसटीएफ) की पोस्ट सारला से बांजल भटवाल में शिफ्ट करने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसके बाद पोस्ट को शिफ्ट करने का काम रोक दिया गया।
सदरोता पंचायत के पूर्व सरपंच चरण दास की अध्यक्षता में स्थानीय लोग मंगलवार सुबह एसटीएफ पोस्ट पर पहुंचे और इसे स्थानांतरित करने का विरोध किया। उन्होंने दो टूक कहा कि क्षेत्र में आतंकवाद सक्रिय है। ऐसे में पोस्ट को यहां से हटाया जाना जनता के लिए सुरक्षित नहीं है।
विज्ञापन

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में इलाके में आतंकी वारदात में काफी बढ़ोतरी हुई है। इससे डुगैन ब्लॉक की छह पंचायतों के लोगों में डर बना हुआ है। मंगलवार की सुबह जब एसटीएफ पोस्ट पर तैनात जवान पोस्ट पर पड़े सामान को घोड़े और खच्चरों के माध्यम से शिफ्ट करने लगे, तो स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, जिन्होंने एसटीएफ पोस्ट को शिफ्ट नहीं होने दिया।
पूर्व सरपंच ने बताया कि वर्ष 1997 और 1998 मे डुगैन ब्लॉक में आतंकवादी गतिविधियों में काफी बढ़ोतरी देखी गई थी। इसके बाद लोगों की सुरक्षा के लिए सारला में एसटीएफ पोस्ट बनाई गई थी। लोगों ने कहा कि एसटीएफ पोस्ट को शिफ्ट करने की बात को लेकर स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पोस्ट पर तैनात सुरक्षाबलों की बदौलत इलाके के लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से पोस्ट को बांजल भटवाल में शिफ्ट करने की बात का पता चलने पर उन्होंने एतराज जताया।
विज्ञापन

स्थानीय लोगों ने इसे पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया। इसके बाद एसटीएफ पोस्ट को शिफ्ट नहीं किया गया। स्थानीय निवासी पंडित राजकुमार, वीरेंद्र शर्मा, रवि कुमार, सोमराज, कुलदीप कुमार, रीता देवी, बबली देवी और दर्शन देवी ने कहा कि मौजूदा समय में इलाके का माहौल ठीक नहीं है। जनवरी में भटौड़ी इलाके में हुए आतंकी हमले के बाद लोग डरे और सहमे हुए हैं। आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ने से लोगों ने अंधेरा होने के बाद अपने घरों से निकलना बंद कर दिया है। ऐसे में अगर एसटीएफ पोस्ट को शिफ्ट किया गया तो इलाके की दस हजार से अधिक आबादी अपने आप को असुरक्षित महसूस करेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें