जम्मू। पटवारियों और गिरदावरों ने सोमवार भी अपनी मांगों के लिए प्रदेशभर में कामछोड़ हड़ताल जारी रही। जिला मुख्यालयों पर सरकार के खिलाफ धरने-प्रदर्शन किए गए। इस बीच जम्मू में मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर के साथ पटवारियों की वार्ता में उनकी जायज मांगों पर गौर करने का आश्वासन दिया गया। मंगलवार को पटवारी राजस्व विभाग के वित्तीय आयुक्त शालीन काबरा से मिलेंगे। जिसके बाद अगली रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि पटवारियों ने वित्त वर्ष के अंतिम मार्च माह में कामकाज को देखते हुए मंगलवार को हड़ताल खत्म करने के भी संकेत दिए हैं। उधर, पटवारियों और गिरदावरों की हड़ताल से राजस्व कामकाज बुरी तरह से प्रभावित है। लोगों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों तक पहुंचकर भी मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
सोमवार को जम्मू में जिला उपायुक्त कार्यालय परिसर में पटवारियों और गिरदावरों ने अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा। पटवारियों ने सोमवार तक तीन दिन की कामछोड़ हड़ताल की काल दी थी। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अब्दुल मजीद मल्ला ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द गौर करना चाहिए। मौजूदा परिस्थितियों के लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। पटवारी और गिरदावर अलग परिस्थितियों में अपने काम को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन उन्हें वेवजह तंग किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बीच जम्मू में एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष संदीप कोहली के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त से अपनी मांगों के लिए बात की।
कोहली ने बताया कि मंडलायुक्त की ओर से उनकी मांगों पर बेहतर आश्वासन मिला है। उम्मीद है कि सरकार जल्द उन पर गौर करेगी। सोमवार रात को वर्चुअल माध्यम से भी पटवारियों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। पटवारियों और गिरदावरों की हड़ताल के कारण बेरोजगार प्रमाणपत्र, सत्यापन, आय प्रमाणपत्र, एससी, ओबीसी प्रमाण पंत्र, इंतकाल, जमावंदी, निशानदेही आदि कार्य प्रभावित हुए हैं। पटवारियों और गिरदावरों ने शुरू में जम्मू जिले की बाहु तहसील के गांव सुंजवां और चौआदी के राजस्व दस्तावेजों के गायब होने के मामले में पटवारियों की गिरफ्तारियों के विरोध में आंदोलन को शुरू किया था लेकिन अब वे इसके साथ पटवार खानों का निर्माण, डीपीसी, ग्रेड वेतन, सीधी भर्ती में पदोन्नति की श्रेणी को 75 फीसदी और बाकी 25 फीसदी करना आदि की मांग कर रहे हैं।