जम्म। दमकल विभाग की तरफ से फायरमैन मैन और ड्राइवर के पदों के लिए जारी की गई चयन सूची विवादों में है। चयन प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाकर उम्मीदवारों ने सोमवार को गांधीनगर स्थिति दमकल विभाग के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। युवाओं ने आरोप लगाया कि चयन सूची में कश्मीर संभाग के मुकाबले जम्मू के युवाओं का चयन न के बराबर हुआ है। 750 पदों पर हुई लिखित परीक्षा में ओपन मेरिट की पांच सौ सीटों में सिर्फ 75 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। उम्मीदवार चंदन सिंह ने कहा कि 2013 में दमकल विभाग ने इन पदों के लिए अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना के बाद लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षण किया गया, लेकिन विभाग ने चयन सूची जारी नहीं की। 2018 में तत्कालीन डीजीपी ने पुरानी प्रक्रिया बंद कर दोबारा प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी किए। इसके बाद फिर परीक्षा हुई, लेकिन श्रीनगर में आयोजित परीक्षाओं में अनियमितता होने पर परीक्षा को स्थगित कर दिया गया। कोर्ट ने दोबारा परीक्षाएं कराने का आदेश जारी किया। कोविड के कारण मार्च में परीक्षाएं नहीं हो सकीं और सितंबर में आयोजन किया गया। शनिवार को विभाग ने इन पदों के लिए चयन सूची जारी की, जिसको लेकर अब विवाद हो गया है। उम्मीदवारों का कहना कि चयन प्रक्रिया में जम्मू संभाग के उम्मीदवारों को नजरंदाज कर कश्मीर संभाग को प्राथमिकता दी गई है। उम्मीदवारों ने परीक्षा की सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की।
इकजुट जम्मू ने पेपर लीक होने का दावा किया
जम्मू। वरिष्ठ वकील एवं इकजुट जम्मू संगठन के अध्यक्ष अंकुर शर्मा ने परीक्षा से पहले पेपर लीक होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उनके पास इसके सबूत भी हैं। कहा कि 20 सितंबर को लिखित परीक्षा सुबह 11 बजे थी, जबकि सुबह 7 बज कर 45 मिनट पर पेपर लीक हो गया। लिहाजा सरकार चुने गए उम्मीदवारों की सूची को रद्द करे। साथ ही इसकी उच्च स्तरीय जांच हो। परीक्षा भी दोबारा होनी चाहिए। युवा नेता रोहित चौधरी का कहना है कि हमेशा से जम्मू संभाग से भेदभाव होता आया है।
चयन सूची जारी नहीं होने से खफा कश्मीरी पंडित सरकार पर बरसे
जम्मू। कश्मीरी पंडित समाज के युवाओं ने सोमवार को रोजगार की मांग को लेकर चौथे दिन भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी मैदान में युवाओं ने लंबित चयन सूची जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्पेशल पैकेज के तहत हुई कश्मीरी पंडितों की भर्ती प्रक्रिया में 45 उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन चयन सूची लंबे समय से अटकी पड़ी हैै।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी सरकार लंबित 45 युवाओं की चयन सूची जारी नहीं कर पाई है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा, सरकार सिर्फ दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठा रही है। कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी की बात करने वाले सरकार बुनियादी सुविधा तक नहीं दे पा रही है। प्रधानमंत्री स्पेशल पैकेज के तहत हुई कश्मीरी पंडितों की भर्ती प्रक्रिया में 45 उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन इन युवाओं की चयन सूची लंबे समय से अटकी पड़ी हैै। युवाओं ने कहा कि आज कश्मीरी पंडित राहत पैकेज पर निर्भर रह गए हैं। सरकार हमारी अनदेखी कर रही है, अगर हमारी मांगों को नहीं माना गया तो उग्र प्रदर्शन करेंगे।