चट्ठा के पास प्रदर्शन करते मृतक महिला के परिजन।
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जम्मू। जीएमसी में शनिवार को गाडीगढ़ की 23 वर्षीय विवाहिता की मौत पर बवाल हो गया। परिजनों ने रविवार को शव गाडीगढ़ सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जीएमसी में डॉक्टरों को बर्खास्त करने की मांग की। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि पहले चिकित्सकों ने उनकी बेटी को कोरोना पॉजिटिव बताया। बाद में विरोध करने पर उसकी रिपोर्ट निगेटिव कर दी। आरोप है कि डॉक्टरों ने विवाहिता के इलाज में कोताही बरती और रात को एक इंजेक्शन लगाया, इसके 10 मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें शव देने से मना कर दिया और शास्त्री नगर में पहुंचने को कहा गया। विरोध करने पर डॉक्टरों ने परिजनों को शव सौंप दिया। गौर हो कि उक्त युवती की गाडीगढ़ में ही दो साल पहले शादी हुई थी। बीते माह उसने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात की मौत हो गई। बाद में विवाहिता के पेट में दर्द रहने लगा। शुक्रवार को परिवारवालों ने उसे जीएमसी जम्मू में भर्ती करवाया, जहां शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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शनिवार को भी एक चार साल के
मासूम की मौत पर किया था प्रदर्शन
इससे पहले भी कई मामलों में कोरोना रिपोर्ट को लेकर ऐसी ही स्थिति बनी है। शनिवार को भी जीमएसी में जानीपुर के चार साल के बच्चे की मौत पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। लोगों ने कमेटी का गठन कर जांच करने की मांग की है।
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डीसी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय
कमेटी बनाई, एक हफ्ते में सौंपेगी रिपोट
इस मामले में डीसी सुषमा चौहान ने बताया कि जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट डीसी कार्यालय को सौंपेगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।