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रेलवे के निजीकरण के विरोध में कर्मियों ने बोला हल्ला

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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रेलवे कर्मचारी।
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जम्मू। रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण के विरोध में रविवार को नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन जम्मू ने प्रदर्शन किया। यूनियन के सदस्यों ने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे को बेचने पर तुली हुई है। इस जनविरोधी फैसले से आम लोगों पर महंगाई की मार पड़ेगी। बेहतर सुविधाएं देने के नाम पर गरीबों पर रेल किराये से लेकर अन्य सुविधाओं के लिए पैसा लिया जाएगा। रेलवे के निजीकरण से सरकारी नौकरियां खत्म होंगी। निजीकरण ठीक वैसा ही परिणाम लाएगा जैसा कि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच है, जिसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ाई होती नहीं है और निजी स्कूलों की फीस इतना ज्यादा है कि हर कोई नहीं दे सकता। रेल बचाओ, देश बचाओ आंदोलन के तहत नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन जम्मू शाखा के सचिव कामरेड शैंबर सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। पूंजीपति हितैषी नीतियों को लेकर रेल को बेचने पर लगी है। भारत छोड़ो आंदोलन की तरह आज निजीकरण को छोड़ने का आंदोलन चलाने की आवश्यकता है। एक तरफ जहां रेल कर्मचारियों ने कोरोना काल में भी ट्रेनों को चलाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं सरकार शाबासी की जगह रेलवे का निजीकरण करने का इनाम दे रही है। भारतीय रेल में 90 प्रतिशत यात्री निम्न और मध्यम वर्ग के सफर करते हैं, जिन्हें सस्ती, सुगम और सुरक्षित सुविधा प्राप्त हो रही है, लेकिन रेल को निजीकरण करने के बाद गरीब पर दोहरी मार पडे़गी। इस दौरान कामरेड केके शर्मा, रामपाल शर्मा, रंजीत पासवान, मीडिया सचिव प्रकाश चंद्र आदि मौजूद रहे।
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