बिश्नाह के बंदराली गांव में शराब की दुकान खुलने को लेकर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शनगांव की महिलाएं भी उतरीं सड़क पर, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। गांव बंदराली में शराब की दुकान खोले जाने को लेकर रविवार को लगातार तीसरे दिन भी स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इस बार महिलाओं ने ठेके के खिलाफ मोर्चा खोला और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अगर गांव में ठेका खुला तो बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।
तीसरे दिन प्रदर्शन के दौरान कोई हंगामा नहीं हुआ। प्रदर्शन में शामिल सरपंचों ने कहा कि वह प्रशासन से अपील करते हैं कि गांव में शराब की दुकान न खोलें। क्योंकि, इससे उनके बच्चों का भविष्य शराब के नशे की चपेट में आ सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गांव पहले ही बहुत पिछड़े हुए हैं। गांवों में आज भी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। अगर प्रशासन को गांव में कुछ खोलना ही है तो अच्छी डिस्पेंसरी, स्कूल, कॉलेज खोले, खेल मैदान बनाए। लेकिन, मेहरबानी कर गांव में शराब की दुकानें न खोले।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि उनके ऊपर चाहे जितने पर्चे लग जाएं, मगर वह किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन पक्के तौर पर यह सुनिश्चित नहीं कर देता कि गांव में ठेका नहीं खुलेगा, तब तक स्थानीय लोगों द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। शनिवार को इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए ठेके की दीवार तोड़ कर शराब की पेटियां और बोतलें सड़क पर फेंक दी थीं। शनिवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद शराब की दुकान में तोड़ फोड़ से बचे हुए माल को उठा लिया गया है। फिलहाल शराब का ठेका बंद कर दिया गया है।