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डीपीसी के लिए चिकित्सा कर्मियों खोला मोर्चा

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जम्मू। डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को चिकित्सा कर्मियों ने बिश्नाह ब्लॉक से मोर्चा खोल दिया। कर्मियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर चेतावनी दी कि जल्द मांगें पूरी नहीं की गई तो आंदोलन तेज करेंगे।
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पांच फरवरी को फलांवाला में धरना दिया जाएगा। जेकेएमईएफ ब्लॉक प्रधान वेदपाल सैनी और जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन के नेतृत्व में धरने पर बैठे कर्मियों ने चार साल से लंबित डीपीसी की मांग की। डीपीसी को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और ड्रग एंड फूड आर्गेनाइजेशन की तर्ज पर करने पर जोर दिया गया। कहा कि चिकित्सा कर्मियों की मांगों को लेकर कई बार विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन बात नहीं सुनी गई है। डीपीसी न होने के कारण हजारों कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रहना पड़ रहा है। पिछले कई वर्षों से बड़ी संख्या में कर्मचारी डीपीसी का लाभ न पाकर सेवानिवृत्त हो गए हैं। 0 प्रदर्शन में तरसेम लाल, सुरजीत कुमार, राकेश कुमार, गिरधारी लाल, रितू गुप्ता आदि शामिल रहे।
ये भी हैं मांगें
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान कई चिकित्सा कर्मियों ने अपनी जान गंवाई है, लेकिन सरकार के घोषित मुआवजे की राशि उन्हें अभी तक नहीं मिल पाई है। फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों का पांच माह का लंबित वेतन जारी किया जाए। अनुच्छेद 370 हटने के बाद नई केंद्रीय फार्मेसी अधिनियम 1948 के तहत बड़ी संख्या में पूर्व फार्मासिस्टों को पंजीकृत नहीं किया जा रहा है। 30 वर्ष से एसआरओ 20 में कर्मचारी संशोधन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हक नहीं मिला। प्रदर्शन में बेसिक हेल्थ वर्करों के मुद्दे को भी उठाया गया।
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