बिलावर। निर्धारित स्थानों के बजाय मिनी बसों को अलग स्थानों से ऑपरेट किए जाने पर महिलाओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। सोमवार को मिनी बस चालकों की दादागिरी से परेशान महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। गुस्साई महिलाएं पहले एडीसी कार्यालय पहुंची। यहां किसी कारण एडीसी संदेश कुमार शर्मा के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण उन्होंने तहसील कार्यालय का घेराव किया।
बिलावर म्यूनिसिपल कमेटी के वार्ड 1 की पार्षद सुनीता शर्मा, वार्ड 8 की पार्षद अनीता बसोत्रा, पूर्व म्यूनिसिपल कमेटी अध्यक्ष राकेश चंदेल और भाजपा की महिला मोर्चा अध्यक्ष रजनी शर्मा के साथ महिलाएं तहसीलदार कार्यालय अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि चंद रोज पहले एडीसी ने आदेश जारी कर सभी मिनी बसों के अपने निर्धारित स्टैंड से चलने के लिए कहा था। लेकिन, उनके आदेश का पालन नहीं हो रहा है।
उन्होंने बताया कि बस चालक मेटाडोर स्टैंड से न चलकर सरेआम एडीसी के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। वे अपने मनमाने ढंग से गाड़ियां मिनी बस स्टैंड पर न लाकर यात्रियों को बीच रास्ते पर ही उतारकर पुलिस के सामने प्रशासनिक आदेशों को अनदेखा कर रहे हैं। गत दिवस भी शाम के साढ़े सात बजे मिनी बस चालक ने एक महिला यात्री को पुल पर उतार कर वापस चला गया। जिसके कारण महिला अंधेरे में लगभग डेढ़ किमी पैदल चलकर अपने घर पहुंची।
इस मौके पर मौजूद महिलाओं ने कहा कि मिनी बस चालकों की इस दादागिरी के कारण वृद्धों, महिलाओं और बच्चों को पैदल चलकर आना पड़ता है। कई बार बस चालक यात्रियों को उतारते समय उनके साथ झगड़ा और बदसलूकी भी करते हैं। अगर पुलिस प्रशासन के आदेशों की अनदेखी कर नाज पुल के पास लगने वाली मिनी बसों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है, तो उनके हौसले और बुलंद हो जाते हैं।
वहीं, मौके पर पहुंचे तहसीलदार पंकज शर्मा और थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने महिलाओं को शांत कराते हुए कहा कि सभी मिनी बस प्रशासन निर्धारित अड्डे से चलने के लिए बुधवार तक का समय दिया गया है। अगर मिनी बस चालक डीएफओ कार्यालय के पास बने मिनी बस स्टैंड से ऑपरेट नहीं करते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन पर लोग शांत हुए। उनका कहना है कि अगर बुधवार तक मिनी बसें अपने स्टैंड से ऑपरेट नहीं की जाएंगी, तो वे धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे।