अवैध डिग्री वाले सरकारी शिक्षकों को प्रमोशन के लाभ से वंचित होना पडे़गा। इन शिक्षकों की प्रमोशन को रद्द करने के गवर्नमेंट स्कूल एजूकेशन के अंडर सेक्रेटरी आरके मिस्त्री ने आदेश जारी कर दिया है। इसके अलावा सभी औपचारिकताएं पूरी करने वाले प्रमोशन किए गए शिक्षकों को जल्द स्कूलों में एडजस्ट करने के भी आदेश जारी हो चुके हैं।
2016 और 2015 में सैकड़ों की संख्या में टीचर से मास्टर ग्रेड के शिक्षकों के प्रमोशन के आदेश जारी हुए थे। इनके आदेश जारी होने के साथ ही कमिश्नर सेक्रेटरी स्कूल एजूकेशन ने इन शिक्षकों की डिग्रियों की जांच के आदेश भी जारी किए थे। वैध डिग्री होने के बाद ही इन शिक्षकों को प्रमोशन के सभी लाभ मिलने थे और आगे की प्रक्रिया शुरू होनी थी।
वहीं जब डिग्रियों की जांच की प्रक्रिया पूरी हुई तो काफी शिक्षकों की डिग्रियां अवैध साबित हुई हैं और इनको ध्यान में रखते हुए आरके मिस्त्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन सभी शिक्षकों के प्रमोशन के आदेश रद्द किए जाए।
डिग्री के अलावा शिक्षकों को प्रमोशन के लिए कई औपचारिकताओं को पूरा करना था। इसके लिए शिक्षकों को समय दिया गया था। कुछ शिक्षक इन औपचारिकताओं को पूरा नहीं कर पाए हैं और इनके भी प्रमोशन के आदेश को रद्द करने को कहा गया है।
वहीं जिन शिक्षकों की डिग्रियां वैध निकली हैं और सभी औपचारिकताओं को पूरा करने में कामयाब रहे हैं इनको स्कूलों में एडजस्ट करने के आदेश जारी किए हैं। स्कूलों में एडजस्ट होने के बाद शिक्षकों को प्रमोशन के सभी लाभ मिलने लगेंगे।