उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पंचायत और नगर निकाय के प्रतिनिधियों के साथ 12 अगस्त को श्रीनगर में सीधा संवाद करेंगे। इसके साथ ही राजनीतिक संवाद की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहले यह कार्यक्रम 10 अगस्त को प्रस्तावित था।
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रत्येक ब्लॉक से एक पंचायती नुमाइंदे को आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही नगर निकाय के नुमाइंदों को भी बुलाया गया है। जम्मू से भी नगर निगम के दो पार्षदों को मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने नामित किया है।
सूत्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम में एलजी प्रतिनिधियों से धरातल पर हो रहे विकास कार्यों और अनुच्छेद 370 हटने के बाद आए बदलाव का फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही उन्हें विकास कार्यों में जनता को भी सहभागी करने के लिए प्रेरित करेंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग कश्मीर के निदेशक काजी सरवर ने कार्यक्रम में फेरबदल होने तथा अब इसके 12 अगस्त को होने की पुष्टि की है।
वहीं ऑल जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार की तरफ से उन्हें यह नहीं बताया गया है कि आखिर प्रोग्राम का एजेंडा क्या है। पंचायती नुमाइंदों को कार्यक्रम की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। पहले इस कार्यक्रम को पूर्व उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू को संबोधित करना था लेकिन मुर्मू के इस्तीफे और नए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पदभार ग्रहण करने के बाद इसमें फेरबदल किया गया है।