बाड़ी ब्राह्मणा। दो माह पहले बरसात में आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए पुरमंडल-उत्तर वाहिनी तीर्थ स्थल को जोड़ने वाले पुल की आजतक न तो मरम्मत हुई है और न ही निर्माण हो पाया है। संगड़ गांव में देविका नदी पर यह पुल बना था। इससे पुरमंडल और उत्तर वाहिनी और आसपास के करीब 60 गांवों के लोगों का संपर्क टूट गया है। इस कारण लोग देविका के बीच से हो कर गुजरने को मजबूर हैं। लोगों ने प्रशासन और विभाग को जल्द सुध लेने की मांग उठाई है।
पुल के क्षतिग्रस्त होने से यातायात बिलकुल बंद हो गया है। लोग बड़ी गाड़ियां को नदी के बीच से हो कर जान जोखिम में डाल कर आरपार करवा रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोग और स्कूली बच्चे भी नदी से हो कर ही सफर कर रहे हैं। यह पुल पुरमंडल और उत्तरवाहिनी तीर्थ स्थल को आपस में जोड़ता था। लेकिन अब लोगों और श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया है, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। गत दिवस वाहन फंसने पर विभाग ने पत्थर डलवा कर अस्थायी सुविधा दी है, लेकिन स्थायी हल नहीं निकाला गया है। लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर बारिश होती है तो इस क्षेत्र में पानी काफी तेजी से आता है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। लिहाजा विभाग को जल्द सुध लेनी चाहिए।
पुल के लिए 23 लाख रुपए का एस्टिमेट बनाकर भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर निकाला जाएगा। इस सारे कार्य के लिए कम से कम डेढ़ से दो माह का समय लगेगा। तब तक मलवा डलवा कर समस्या का अस्थायी समाधान किया जा रहा है, ताकि यातायात सुचारू रहे। एक जेसीबी मशीन वहां पर खड़ी कर गई है, ताकि किसी वाहन के फंसने पर उसे बाहर निकाला जा सके।
- अनिल गुप्ता, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
पुल क्षतिग्रस्त होने से लोग परेशान हो रहे हैं। इसलिए विभाग को तत्काल इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। विभाग को पहले काफी पहले से अवगत करवा दिया था, लेकिन अभी तक कड़ा संज्ञान नहीं लिया गया है। इस कारण लोगों में काफी रोष है।
- सुनीता शर्मा, सरपंच, उत्तर वाहिनी पंचायत
छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए विभाग को तत्पर रहना चाहिए। छोटे पुल के क्षतिग्रस्त होने से लोग और श्रद्धालु दरबदर हो रहे हैं। इसलिए विभाग को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए।
- सपना सपोलिया, सरपंच, कटवालता पंचायत
शुरू से ही उनके क्षेत्र के साथ भेदभाव होता रहा है। आज जहां सरकार इतने बड़े-बड़े दावे करती है उसके बाद भी इतने छोटे से काम के लिए लोगों को दरबदर होना पड़ रहा है। यह बहुत ही शर्मनाक बात है।
- ध्यान सिंह, स्थानीय निवासी
इस पुल से रोजाना आना जाना होता था। जब से यह टूट गया है लोग डरते हुए नदी को पार करने के लिए मजबूर हैं। यदि पानी का बहाव तेज हो गया तो कोई अप्रिय घटना भी घट सकती है।
- अरुण सिंह, स्थानीय निवासी