जम्मू। जम्मू रिंग रोड परियोजना के लिए निर्माण सामग्री पर्याप्त रूप से न मिल पाने से काम की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। छह चरणों में पूरे होने वाले जम्मू रिंग रोड का अभी एक चरण का कार्य ही पूरा हो सका है। कोरोना महामारी के बीच 2020 में भी निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। निर्माण सामग्री की वजह से कार्र्य और प्रभावित न हो इसके लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी के अधिकारी जम्मू के निवर्तमान जिला उपायुक्त के संज्ञान में मामला ला चुके हैं।
हाईवे अथॉरिटी के अनुसार परियोजना के पहले चरण का कार्य कोट भलवाल से अखनूर रोड तक आठ किलोमीटर तक पूरा हो चुका है। दूसरे चरण का काम मंडाल से निक्की तवी और सोहांजना से बड़ी तवी सेक्शन के अलावा तीसरे चरण का काम राया मोड़ से होते हुए सरोर, बिश्नाह और कुंजवानी तक चलना है। चौथे चरण में बिश्नाह से आरएस पुरा, जिसमें मुरालियां, आरएस पुरा, मीरां साहिब और ललेयाल क्षेत्रों को जोड़ा जाना है।
पिछले कुछ अर्से से जम्मू में रेत, बजरी आदि की समस्या के चलते कार्य सुस्त पड़ गया है। जितनी निर्माण सामग्री चाहिए वह उपलब्ध नहीं हो पा रही। कुल 58.25 किलोमीटर लंबे जम्मू रिंग रोड का काम करीब 1339 करोड़ की राशि से हो रहा है। 60 गांवों को रिंग रोड कवर करेगा। इनमें जम्मू जिले के 54 और सांबा जिले के छह गांव शामिल हैं। राया मोड़ सांबा से शुरू होकर परियोजना जम्मू जिले के 54 गांवों से होते हुए अंत में नगरोटा नेशनल हाईवे पर संपन्न होगी।
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जम्मू रिंग रोड के शेष पांच चरणों का कार्य जारी है। पर्याप्त निर्माण सामग्री नहीं मिल पाने से परियोजना का निर्माण धीमा पड़ गया है। जम्मू की निवर्तमान डीसी सुषमा चौहान के समक्ष इस मामले को उठाया गया था। अब नए डीसी आए हैं, उनके समक्ष भी इस मामले को रखा जाएगा। निर्माण सामग्री परियोजना को समय पर मिलती रहे तो ही काम तय समय में पूरा हो सकेगा।
- अजय कुमार रजक, परियोजना निदेशक, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया