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न खोल पा रहे इफ्तार, न कर पा रहे सहरी

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जम्मू। गोलाबारी से नियंत्रण रेखा के समीपवर्ती गांवों के लोग काफी परेशान हैं। गांव बलनोई के गुलाम मोहम्मद, अब्दुल रज्जाक, मोहम्मद शरीफ, मोहम्मद आजम और दबराज गांव के महमूद, अहमद ने कहा कि कब कौन सा गोला जान का दुश्मन बन जाएगा, खुदा ही जाने। रमजान में इफ्तार और सहरी करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि वीरवार को इफ्तार के समय ही गोलाबारी शुरू हो गई और वे सही ढंग से न तो इफ्तार खोल सके और न ही रात में भोजन। इधर शुुक्रवार को सहरी का समय होने के कुछ मिनट पहले ही गोलाबारी शुरू हो गई और सहरी भी नहीं कर सके। चार घंटे तक चली गोलाबारी के बाद सुबह सात बजे माहौल कुछ शांत हुआ तब तक समय निकल चुका था। उन्होंने बताया कि पूरे रमजान में शायद ही हम लोग इफ्तार और सहरी ढंग से कर पाए हों।
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