जम्मू। प्रदेश में कोविड टीकाकरण महा अभियान के साथ वैक्सीन केंद्रों पर नई स्लॉट व्यवस्था शुरू की गई है। इसमें डोज के हिसाब से 50 फीसदी ऑनलाइन पंजीकृत और 50 फीसदी ऑन स्पॉट आने वाले लोगों को टीका लगाने का प्रावधान है। लेकिन इस व्यवस्था से केंद्रों पर चिकित्सा कर्मियों और लोगों के बीच कहासुनी, हाथापाई की घटनाएं बढ़ी हैं। वैक्सीन की निर्धारित डोज की तुलना में केंद्रों पर अधिक लोग पहुंच रहे हैं, वैक्सीन न मिलने पर वे भड़क रहे हैं।
केंद्र के दिशानिर्देश के बाद 21 जून से जम्मू-कश्मीर में टीकाकरण का महा अभियान शुरू किया गया है। इसमें 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए व्यापक टीकाकरण किया जा रहा है। लेकिन अधिकतर वैक्सीन केंद्रों पर इस आयु वर्ग में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। गर्मी में काफी देर खड़े रहने के बाद जब वैक्सीन नहीं मिल रही तो उनका गुस्सा चिकित्सा कर्मियों पर निकल रहा है। वैक्सीन केंद्रों पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए भी माहौल को शांत करवाना मुश्किल हो रहा है। चिकित्सा कर्मियों का कहना है कि समझाने पर भी लोग झगड़ा कर रहे हैं, जिससे वैक्सीन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। मसलन एक वैक्सीन केंद्र पर अगर एक दिन में 100 डोज पहुंचती है तो उसमें 50-50 डोज ऑनलाइन और आनॅ स्पॉट पहुंचे लोगों को देनी है, लेकिन अगर ऑन स्पॉट वाले अधिक संख्या में हैं तो उन्हें लग रहा है कि स्टाफ उन्हें वैक्सीन नहीं दे रहा। वहीं, वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में केंद्रों तक नहीं पहुंच रही और स्टाफ कर्मियों को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है।
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केंद्रों पर बढ़ाई जाएगी वैक्सीन की क्षमता : निदेशक
परिवार कल्याण विभाग जम्मू-कश्मीर के निदेशक डॉ. सलीम उर रहमान का कहना है कि प्रदेश में अगले कुछ दिनों में वैक्सीन की क्षमता बढ़ाई जा रही है। अगले कुछ दिन में वैक्सीन की पर्याप्त खेप केंद्र से पहुंच रही है, जिससे केंद्रों तक पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध करवाई जाएगी।