जम्मू। प्रदेश में धोखाधड़ी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सबसे बड़ी परेशानी उन लोगों के लिए हैं, जिन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए जम्मू आना पड़ता है, इसमें पूरा एक दिन लग जाता है, क्योंकि पूरे प्रदेश में क्राइम ब्रांच के दो ही थाने हैं। एक जम्मू और दूसरा श्रीनगर में। जम्मू और श्रीनगर में एसएसपी क्राइम ब्रांच को जम्मू और कश्मीर संभाग का कार्यभार देखना पड़ता है। 1978 में क्राइम ब्रांच का गठन हुआ था। तबसे दो ही थाने काम कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार यदि किसी को क्राइम ब्रांच के पास शिकायत करनी हो तो उसे क्राइम ब्रांच के कार्यालय में आना पड़ता है। जम्मू जिले के लोगों के लिए तो यह नजदीक पड़ता है, लेकिन किश्तवाड़, पुंछ, रामबन, डोडा, कठुआ जैसे जिलों के लोगों का पूरा दिन क्राइम ब्रांच तक पहुंचने में लग जाता है। क्राइम ब्रांच के एसएसपी का कहना है कि फिलहाल तो क्राइम ब्रांच का कोई नया थाना बनाने का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि क्राइम ब्रांच के पास बड़े धोखाधड़ी के मामले ही आते हैं। छोटे मोटे मामले जिला स्तर पर ही सुलझा लिए जाते हैं।
यही हाल साइबर थानों का
यही हाल प्रदेश के साइबर थानों का भी है। मौजूदा समय में ऑनलाइन ठगी के बहुत से मामले सामने आते हैं। साइबर पुलिस के पास हर महीने 40 से 50 शिकायतें आती हैं, लेकिन इन शिकायतों का निवारण करने के लिए जम्मू और श्रीनगर दोनों में एक-एक थाना है और यहां भी एसएसपी स्तर के अधिकारी को दस-दस जिलों का काम देखना पड़ता है। साइबर पुलिस एसएसपी नरेश कुमार का कहना है कि वैसे तो ऑनलाइन शिकायतें भी लोग दर्ज करा सकते हैं। लिखित में भी कई लोग शिकायतें करके जाते हैं।