जीएमसी से शव को ले जाते स्वास्थ्य कर्मी और परिजन।
जम्मू। कोरोना संक्रमित बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान गर्मी से परिवार के दो सदस्यों की मौत के मामले में परिवारवालों का आरोप है कि संस्कार स्थल पर प्रशासन की ओर से उचित इंतजाम नहीं किए गए थे। तीन लोगों के बेसुध होने पर वहां पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। किसी तरह मृतक के बेटे को जीएमसी पहुंचाया, लेकिन तब तक दो की मौत हो गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद पुलिस वालों से मदद मांगी गई लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। उल्टा उन्हें गालियां देकर वहां से भागने को कहा गया। उनके पास जो थोड़ा पानी था, वह पिलाया और बाद में चलकर नदी से पानी लाया गया लेकिन तब तक शायद बहुत देर हो चुकी थी।
अनसुलझे सवाल
1. सिदड़ा में अगर मौके पर ही दो तीमारदारों की मौत हो गई थी तो एक को देर शाम तक इलाज या उसका शव जीएमसी क्यों नहीं लाया गया? बताते हैं कि दूसरे तीमारदार का शव देर शाम तक संस्कार स्थल पर ही पड़ा था जिसे एंबुलेंस से जीएमसी लाया गया।
2. दोपहर से शाम तक उक्त तीमारदार को कहां रखा गया? सूत्रों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे से छह घंटे बाद रात 7:30 बजे तक संस्कार स्थल से दूसरे तीमारदार का शव लाया गया।
3. अगर कोविड मरीज का संस्कार किया गया तो संस्कार करवाने वाली टीम ने क्यों नहीं देखा कि वहां एक और व्यक्ति बेसुध पड़ा है या मर चुका है?
4. देर शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों को दूसरे व्यक्ति की मौत ही सूचना क्यों नहीं दी गई थी?